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इटखोरी के किसान ने कड़ी मेहनत से बंजर भूमि पर लाई हरियाली
भास्कर न्यूज - इटखोरी
भुरकुंडा के एक किसान रामदेव पासवान ने कड़ी मेहनत कर बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया। आज उस भूखंड में हरियाली है। इससे वे संतुष्टि के साथ कमाई भी कर रहे हैं। उन्होंने निरंतर प्रयास से अपने गांव के १० हेक्टेयर भूखंड पर वर्ष २०११-१२ में बागवानी मिशन योजना के तहत संस्था पिंक वेलफेयर सोसायटी कल्याणपुर के सहयोग से एक हजार से ऊपर आम, नींबू एवं आंवला समेत कई पौधे लगाए हैं। इनमें आम के मालदा, दशहरी, आम्रपाली, आदि किस्म तथा नींबू व आंवला के कई किस्मों के पौधे शामिल है।
वे इन फलदार पेड़-पौधों के बीच सब्जियों का भी उत्पादन कर रहे हैं। उनके बागवानी में सालों भर फल-फूल के अलावा सब्जियां उपज रही है। आम के पेड़ों के बीच वे नींबु, पपीता, हल्दी, धनिया, मिर्च, टमाटर के पौधे भी उगा लेते हैं। आम के साथ-साथ वे अपने खेतों में अरहर और सरसों की फसल भी लगाते हैं। इससे वे दोहरी आमदनी कर रहे हैं। रामदेव पासवान के परिजन भी बागवानी में उनका साथ दे रहे हैं। सालों भर उनके खेतों से आमदनी आ रही है। वे इन पेड़ों के बीच लतर वाले सब्जियां भी लगाते हैं। रामदेव पासवान आसपास के गांवों के किसानों एवं युवाओं के बीच प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। खेती की तकनीक को सिखने के लिए उनसे कई लोग सलाह भी लेते हैं। कृषि व बागवानी के क्षेत्र में उन्होंने एक अलग पहचान बनाई है। पौधों की सिंचाई के लिए पिंक संस्था द्वारा बड़ा तालाब व डीप बोरिंग की भी व्यवस्था कराई गई है। सुरक्षा के लिए ट्रेंच भी खोदा गया है। आम के पेड़ों में अभी से ही मंजर आना शुरू हो गई है। इससे वे उत्साहित हैं।
रामदेव पासवान की बागवानी।