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पति की मौत के बाद अब परिवारिक लाभ नहीं मिलने का दुख
भास्कर न्यूज - रामगढ़
रामगढ़ प्रखंड के दोहाकातू गांव के बिरहोर टोला में सोमरा बिरहोर की हत्या के बाद से पिछले कई दिनों से मातमी सन्नाटा पसरा है। पति सोमरा बिरहोर की मौत के बाद पत्नी मंगरी बिरहोर अपने दो मासूम बच्चों अनिल बिरहोर ((दो वर्ष))और निशा बिरहोर ((03 वर्ष)) के साथ भटक रही है। मंगरी को बच्चों की परवारिश के लिए सरकारी लाभ नहीं मिलने से दोहरी पीड़ा झेल रही है। वह आज भी मरणोपरांत मिलने वाला परिवारिक लाभ योजना की सहायता राशि का इंतजार कर रही है।
दफ्तरों का लगा रही है चक्कर
पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों के आश्वासन से मंगरी को नई जिंदगी जीने का साहस मिला है। इसे परिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार रुपए का चेक देने की बात कही गई थी, लेकिन इसपर कोई कार्रवाई नहीं होने पर वह अपने बच्चों के साथ प्रशासनिक दफ्तरों का चक्कर लगा रही है।
पैदल आती है रामगढ़
मंगरी बताती है कि पैसा नहीं होने पर वह गांव से पैदल ही रामगढ़ आती हैं। यहां, प्रशासनिक दफ्तरों में दिन भर बैठने के बाद शाम को वापस घर लौट जाती है। इस दौरान कोई पदाधिकारी नहीं मिलते हैं। रामगढ़ से दोहाकातू गांव की दूरी करीब 12 किलोमीटर है।
रामगढ़ अंचलाधिकारी ललने कुमार ने कहा कि हड़ताल की वजह से कागजी प्रक्रिया में विलंब हुई है। संबंधित कर्मचारी को योजना राशि उपलब्ध कराने को लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए है। जल्द ही एक किस्त 10 हजार रुपए उपलब्ध करा दिया जाएगा। दूसरी किस्त भी जल्द दिया जाएगा।