महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन की मांग
भास्कर न्यूज - चतरा
अल्पसंख्यकों को आरक्षण देने एवं महिला आरक्षण विधेयक 2009 में संशोधन करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय जनक्रांति मोर्चा ने राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया है। यह ज्ञापन सदर बीडीओ मुमताज अंसारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया है।
राष्ट्रपति को प्रेषित किए गए ज्ञापन में कहा गया है कि देश में अल्पसंख्यकों की स्थिति दलितों से भी बदतर है। इनके कल्याण के लिए अब तक कोई कानून नहीं बनाए गए हैं। महिला आरक्षण विधेयक 2009 लोकसभा में लंबित है। जिसमें संशोधन की मांग विभिन्न राजनीतिक दलों ने की है। लेकिन अब तक इस पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। इसके अलावा मोर्चा ने संविधान की धारा 341 में संशोधन कर दलित मुसलमानों को अनुसूचित जाति में शामिल करने, न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्रा आयोग की सिफारिश को कानूनी शक्ल देकर अल्पसंख्यकों को सभी क्षेत्र में 15 प्रतिशत आरक्षण देने, 1984 में हुए सिक्ख दंगा के पीडि़तों को मिले मुआवजा की तरह देश में हुए अब तक सांप्रदायिक दंगों के प्रभावितों को सुविधा देने, 1989-90 से 15 नवंबर 2000 तक उग्रवादी हिंसा में मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को उचित मुआवजा एवं सरकारी नौकरी देने सहित अन्य मांग शामिल है।
ज्ञापन देने पहुंचे मंडली में मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष मिस्टर आलम, केंद्रीय उपाध्यक्ष आबिद हुसैन, केंद्रीय महासचिव अब्दुल वदूद हसन, अजीजी रौशन आरा, समीर आलम, प्रमोद कुमार, मुजाहिद हुसैन, जाबिर अंसारी, आदि शामिल थे।