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चिकित्सा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए सीएस का फरमान
भास्कर न्यूज - रामगढ़
जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने को लेकर सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार पांडेय 29 जनवरी को एक फरमान जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि डॉक्टर रोस्टर के अनुसार ड्यूटी नहीं कर निजी क्लीनिकों में प्रैक्टिस में लीन रहते हैं। प्रसव के लिए अस्पताल में आई महिलाओं को बहला-फुसलाकर अपने निजी क्लीनिकों में ले जाते हैं। जिसके लिए अब डॉक्टरों को प्रतिदिन प्रतिदिन रोस्टर के अनुसार अपना कार्य करने के बाद दिनभर का लिखित प्रतिवेदन जमा करना होगा। उसके बाद जीतना काम-उतना दाम के अनुसार उनके मानदेय का भुगतान होगा। जो डॉक्टर रोस्टर के अनुसार कार्य नहीं करेंगे। उनका विभागीय कार्रवाई के लिए अनुशंसा भी की जाएगी। खासकर महिला चिकित्सक अपनी उपस्थिति में ही महिलाओं का प्रसव कराएगी। अवकाश में जाने से पूर्व चिकित्सक को स्वीकृति लेना होगा। कोई भी डॉक्टर अगर ड्यूटी अवधी में निजी प्रैक्टिस करते पाए गए तो उनपर कानूनी कार्रवाई करते हुए प्रपत्र क गठित की जाएगी।
सीएस ने किया महालक्ष्मी नर्सिंग होम का निरीक्षण
नर्सिंग होम संचालक
से मांगा स्पष्टीकरण
शहर के गोलारोड स्थित सिटी नर्सिंग होम में व्याप्त कुव्यवस्था तथा बगैर पारामेडिकल कर्मी के नर्सिंग होम चलाने के संबंध में सिविल सर्जन ने संचालक से स्पष्टीकरण पूछा है। इस संबंध में डॉ. पांडेय ने बताया कि उचित जवाब नहीं मिलने पर संचालक पर क्लीनिक एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सिविल सर्जन डॉ प्रदीप कुमार पांडेय ने गुरुवार को जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ महालक्ष्मी प्रसाद के निजी नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि डॉ महालक्ष्मी प्रसाद ड्यूटी अवधी में निजी प्रैक्टिस करती हैं। लेकिन निरीक्षण के दौरान वे निजी प्रैक्टिस करते नहीं पाई गई।