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शिबू और हेमंत सोरेन का पुतला फूंका

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - रामगढ़
राज्यसभा चुनाव में दिवंगत स्व. सुधीर महतो की पत्नी सविता महतो का नाम वापस लिए जाने के विरोध में अखिल झारखंड कुर्मी महासभा सदस्यों ने गुरुवार शाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन का सुभाष चौक पर पुतला फूंक विरोध प्रकट किया। यह कार्यक्रम कुजू और गोला प्रखंड में किया गया। रामगढ़ जिला मुख्यालय पर पुतला दहन के दौरान महासभा के सदस्यों ने कहा कि राज्यसभा सदस्य पद की घोषणा के बाद सविता का नाम वापस लिए जाने से महिलाओं के मनोबल को नीचा दिखाया गया है। पुतला दहन करने वालों में महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ब्रजकिशोर गांधी, भागीरथ महतो, खुदीराम महतो, भुवनेश्वर महतो, सुरेश महतो, मेघनाथ, ठाकुर दास, कोलेश्वर महतो, हेमलाल महतो व केस्टो महतो समेत कई लोग मौजूद थे।
उधर, कुजू के मुरपा गांव में भी दोनों का पुतला जलाया गया। इस दौरान कुर्मी समाज के लोगों ने उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री जयप्रकाश भाई पटेल से इस्तीफे की मांग की गई। लोगों ने झारखंड के क्रांतिकारी नेता स्व. सुधीर महतो की विधवा सविता को राज्यसभा की टिकट नहीं देने को समाज का अपमान बताया। इस मौके पर तुलसी महतो, तापेश्वर महतो, फिरंगी महतो, ओमप्रकाश पटेल, जगदीश, दिलीप, पिन्नू, महावीर, प्रवीण समेत कई लोग मौजूद थे। वहीं, गोला में पिता-पुत्र हेमंत और शिबू सोरेन के पुतला दहन करने वालों में भागीरथ महतो, डीआर महतो, फूलचंद, बजरंग, मोती, बिंदेश्वर, नित्यानंद, महानंद, प्रकाश, बालगोविंद, महेश समेत काफी संख्या में लोग शामिल थे।



शिबू और हेमंत सोरेन के प्रति जताई नाराजगी

पतरातू - पीटीपीएस ऑफिसर्स क्लब के पास कुर्मी समाज पटेल सेवा संघ ने बैठक गुरुवार को बैठक दिनेश कुमार महतो की अध्यक्षता में की। बैठक में दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री सुधीर महतो की पत्नी सविता महतो को राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाए जाने की निंदा की गई। लोगों ने झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति नाराजगी भी जताई। वक्ताओं ने कहा कि शिबू सोरेन ने सत्ता के लिए शहीदों व आंदोलनकारी के परिवारों को अपमानित किया है। इसका खामियाजा झामुमो को आने वाले चुनाव में भुगतना होगा। बैठक में मुखिया किशोर महतो, पंसस कोलेश्वर महतो, भुवनेश्वर, महेंद्र, रामेश्वर, सुजीत, कैलाशचंद्र, मोहित, बालकिशुन, धनराज, सुखन, पारस, सीता, बिराजो, यशोदा, सुगिया, नरेश, सोनवा, चमनी और लालो मौजूद थीं।