राजनीति के सूरमा की पुण्यतिथि कल
जमुआ. गिरिडीह जिला और कोडरमा संसदीय क्षेत्र में डॉ जगदीश प्रसाद कुशवाहा ने समाज को राजनीतिक पहचान दिलाया। गिरिडीह जिला और कोडरमा संसदीय क्षेत्र में वे भाजपा के भीष्म पितामह के रूप में जाने जाते थे। कुशवाहा समाज के लोग आज भी उन्हें अपनी प्रेरणा स्रोत मानते हैं। वे दलितों, गरीबों, शोषितों, पीडि़तों के लिए लड़ते रहे। उनके अथक प्रयास से उनके अनुज रीतलाल प्रसाद वर्मा छह बार सांसद रहे। शिक्षा के विस्तार व सामाजिक राजनीतिक और आर्थिक न्याय के लिए स्व कुशवाहा जीवनपर्यंत संघर्षरत रहे। उन्होंने जनसंघ काल से इस क्षेत्र में भाजपा के संगठन को मजबूत किया था। वे जनसंघ, आरएसएस व भाजपा के प्रचारक थे। वर्ष 1992 से 1996 तक लगातार दो बार भाजपा के गिरिडीह जिलाध्यक्ष पद पर भी रहे थे। डॉ कुशवाहा के नेतृत्व में ही भाजपा ने गिरिडीह जिले में सबसे ज्यादा सीटों पर कब्जा जमाया था। इनके जिलाध्यक्ष काल में ही वर्ष 1995 के विधानसभा चुनाव में गांडेय से लक्ष्मण स्वर्णकार, गिरिडीह से चंद्रमोहन प्रसाद व जमुआ से सुकर रविदास विधायक बने थे।