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७० हजार युवा वोटर तय करेंगे गिरिडीह का भविष्य
मनोज कुमार पिंटू - गिरिडीह
लोकतंत्र हम से, वोट करें गर्व से। चुनाव आयोग के इस नारे का देश के युवा वोटरों ने स्वागत किया है। यही वजह है कि बीते छह माह के अंतराल में चुनाव आयोग ने पूरे देश में १८ वर्ष उम्र के करोड़ों नए मतदाताओं का नाम जोड़ा है। अकेले गिरिडीह की बात करें, तो बीते वर्ष जुलाई में निर्वाचन आयोग के कराए गए मतदाता पुनरीक्षण कार्य के दौरान गिरिडीह जिले में ७० हजार से अधिक नए वोटरों के नाम मतदाता सूची में चढ़ाए गए हैं, जो वर्ष २०१४ के प्रवेश करने के साथ ही ७० हजार के लगभग नए वोटर पूरे गिरिडीह में बढ़ चुके हैं। जानकारों की मानें तो चुनाव आयोग इस बात को लेकर काफी खुश हंै कि बीते लोकसभा चुनाव से लेकर देश के विभिन्न राज्यों के चुनाव की अपेक्षा इस वर्ष होने वाले आसन्न लोस चुनाव से पूर्व आयोग के पास करोड़ों नए वोटरों के नाम जुटना देश की बेहतर व स्वच्छ राजनीति के लिए शुभ संकेत है।
राज्य निर्वाचन आयोग में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक बीते वर्ष २०१३ में गिरिडीह में पुरुष मतदाता की संख्या सात लाख ६८ हजार ४१६ व महिला वोटर की संख्या ६ लाख ७१ हजार ८३८ थी। यह संख्या बीते वर्ष २५ जुलाई के मतदाता पुनर्रीक्षण से पहुंची। आयोग के आंकड़ों के मुताबिक गिरिडीह में मतदाता पहचान पत्र होल्डर ((ईपिक कार्ड)) की संख्या ९८ प्रतिशत है। जबकि मतदाता पुनर्रीक्षण कार्य के बाद मतदाता की संख्या में कुछ इजाफा हुआ है। इससे मतदाता संतुष्ट हैं। आयोग के आंकड़ों पर गौर करें, तो चुनाव से पूर्व गिरिडीह में नए वोटर के रूप में अब पुरुष वोटर की संख्या ७ लाख ९४ हजार १०७ व महिला वोटरों की संख्या ६ लाख ९७ हजार १८३ हो चुकी है।
पुराने व नए मतदाताओं के आंकड़े
कई मोर्चों पर हुई
थी तैयारी
सूत्र बताते हैं कि नए वोटरों के नाम तेजी के साथ जोड़े जाने की कोशिश हुई थी, ताकि चुनाव में मतदान कर वे देश का भविष्य अच्छे लोगों को सौंपे। युवाओं में जागरूकता को लेकर आयोग ने रन फॉर वोटर और मतदाता दिवस जैसे अभियान भी चलाया। साथ ही युवक-युवतियों की उंगली में लगी स्याही युक्त बड़े-बड़े होर्डिंगस भी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगवाया। नए वोटरों को जोडऩे के लिए चुनाव आयोग इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए खुद को भी हाईटेक बनाया और १० दिसंबर से पूर्व निर्वाचन कार्यालय में दर्ज नए से लेकर पुराने वोटरों को पुराने मतदाता परिचय पत्र के बजाय नया पीबीसी कार्ड उपलब्ध कराने का मन बनाया, जिससे युवा वोटरों का रुझान दिखे और युवा वोटर आयोग के पास अपना नाम जोड़ सकें।
लंबे समय तक चला था जागरूकता अभियान
बता दें कि नए व युवा वोटरों का नाम जोडऩे को लेकर निर्वाचन आयोग की पहल पर प्रशसन ने बड़े स्तर पर युवाओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए समय-समय पर नुक्कड़ नाटक व विभिन्न तरीकों के साथ जागरूकता अभियान भी चलाया था। इसी अभियान को कारण माना जा रहा है कि युवाओं ने तय उम्र यानी १८वें साल में दाखिल होने के साथ ही अपना नाम मतदाता सूची में चढ़वा लिया।