कभी आबाद रही कॉलोनी में है वीरानी
ञ्च 20 सालों से नहीं रह रहे कर्मचारी, हो रही सरकारी काम में बाधा
भास्कर न्यूज - चतरो
देवरी प्रखंड मुख्यालय स्थित सभी आवास जर्जर हालत में हैं। जिससे देवरी प्रखंड कर्मी प्रखंड मुख्यालय में न रहकर जिला मुख्यालय व अन्य जगहों पर रहने को मजबूर हैं। बताते चलें कि स्थल पर झाड़ू तक नहीं पड़ता। जबकि इस भवन की गिनती कभी वीआईपी कॉलोनी के रूप में होती थी।
कोई बीस वर्ष पहले प्रखंड कॉलोनी में जहां देवरी की सर्वश्रेष्ठ सरस्वती पूजा मनाई जाती थी, वहीं प्रखंड के 99 प्रतिशत कर्मी अपने परिवार के साथ आराम से प्रखंड में रहा करते थे। उस समय उस कॉलोनी की हरियाली व माहौल स्वच्छ रहा करता था। जबकि आज यह भवन खंडहर में तब्दील हो गया है। लगातार बीस वर्षों से किसी भवन में झाड़ू तक नहीं लगा है। जबकि शाम होते ही प्रखंड मुख्यालय में अंधेरा छाया रहता है। यह अंधेरा व सन्नाटा प्रखंड मुख्यालय की उदासीनता झलकाते हुए कहता है कि पूर्व के दशक में जहां हरियाली व स्वच्छ वातावरण रहता था। आज यहां बंजर व दूषित वातावरण दिख रहा है। कोई कहता है कि देवरी प्रखंड उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र होने के कारण प्रखंड मुख्यालय में कोई कर्मी नहीं रहना चाहते। जबकि प्रखंड मुख्यालय के भवन की जर्जरता बताती है कि आवास के अभाव में यहां प्रखंड कर्मी रहना नहीं चाहते। इधर देवरी बीडीओ अनिल सिंह ने बताया कि वर्ष 2010-11 में आवासों की मरम्मत पंचायत सेवक रामजी द्वारा कराई गई थी।
जो काम अभी भी अधूरा पड़ा है। वर्तमान समय में उक्त पंचायत सेवक गिरिडीह में पदस्थापित हैं।