वार्ड पार्षद की जमानत खारिज
गिरिडीह - अवैध कोयला व्यवसाय को लेकर मुफ्फसिल थाना कांड संख्या ४६५/१३ में अभियुक्त बनाए गए वार्ड पार्षद चैता दास की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय में अग्रिम जमानत अर्जी दी थी। न्यायालय ने केश डायरी आने तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। इस बात से अनजान पुलिस प्रशासन पिछले दिनों मुफ्फसिल थाना और नगर थाना के साथ नगर पर्षद के वार्ड पार्षद को गिरफ्तार करने पहुंची। जहां कुछ देर तक के लिए हाई वोल्टेज ड्रामा चला। नप अध्यक्ष ने पुलिस पदाधिकारी को न्यायालय का स्टे आर्डर थमा दिया था।
न्यायालय में केश डायरी आने के बाद प्रधान जिला जज गीतेंद्र कुमार सिंह की अदालत में आरोपी चैता दास की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। न्यायालय में जमानत खारिज होने के बाद अब वार्ड पार्षद के समक्ष दो रास्ते हैं जिनमें या तो न्यायालय में आत्मसमर्पण करें या फिर माननीय उच्च न्यायालय रांची से अग्रिम जमानत आवेदन दायर कर वारंट स्टे आर्डर लें। इधर, जमानत खारिज हुए चार दिन बीत जाने के बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
क्या है मामला
सीसीएल के वरीय सुरक्षा पदाधिकारी राजेंद्र सिंह ने मुफ्फसिल थाना कांड संख्या ४६५/१३ दफा ३७९ भादवि व ३((२)) कोल माइंस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कहा था कि २४ और २५ दिसंबर २०१३ को कई अवैध खंतों को डोजरिंग के बाद २७ दिसंबर को अवैध खंता से कोयला की चोरी की गई थी। जिसमें वार्ड पार्षद चैता दास के अलावा, राजू ठठेरा, बबलू राम, किसुन रजवार को नामजद आरोपी बनाया गया था। इस बारे में मुफ्फसिल थाना प्रभारी विमल नंदन सिन्हा ने कहा कि चैता दास समेत अन्य आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में नगर पर्षद प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
रिपोर्ट : अंजनी कुमार सिन्हा