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राशि की निकासी के बाद भी अधूरा है प्रशिक्षण केंद्र
शेखर सुमन - बिरनी
लापरवाही के कारण बिरनी में लोगों को कौशल उन्नयन का लाभ कृषि प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र से नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार की ओर से प्रखंड के रजमनिया गांव में इस भवन की स्वीकृति इसलिए दी गई थी कि इस गांव के किसानों के अलावा प्रखंड के तमाम किसानों को खेती का हुनर सीखने का मौका मिल सके। लेकिन सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना पर पानी फिर गया है। यह स्थिति कपिलो पंचायत की है।
इस गांव में वर्ष 2010 जनवरी माह में 13 लाख 38 हजार 400 की लागत से एसजीएसवाई के तहत किसान प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र का निर्माण कार्य का उद्घाटन विधायक विनोद सिंह किया था। योजना संख्या 01/09-10 के तहत प्रखंड के कनीय अभियंता लखन भगत को इस केंद्र का निर्माण कराने की जिम्मेवारी विभाग ने दी थी। लेकिन चार वर्ष बीतने के बाद आज भी इसका निर्माण नहीं हो पाया है। अबतक महज दीवार खड़ी हुई है। वर्षों से बाकी कार्य बंद पड़ा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार उस कनीय अभियंता ने प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र के निर्माण के नाम पर पर सारी राशि निकाल ली। लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नहीं हो सके विधायक के उद्देश्य पूरे
बताते हैं कि कनीय अभियंता लखन भगत्त को इन दिनों प्रखंड के कई पंचायत भवनों के निर्माण की जिम्मेवारी विभाग की ओर से दी गई है। लेकिन सभी पंचायत भवनों का कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। उनके इस कृत्य पर विभाग की ओर से कई बार कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बाद भी भवन निर्माण कार्य की जिम्मेवारी उन्हें ही सौंपा जा रही है। इधर ग्रामीणों का कहना है कि विधायक विनोद सिंह ने जिस उद्देश्य के साथ प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण कार्य शुरू कराया था, वह पूरा नहीं हो सका।
मामले में की जा रही है पहल
॥प्रखंड में कई कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। जिसका जिम्मा कनीय अभियंता लखन भगत को दिया गया था। इस मामले में पहल हो रही है। राशि की निकासी की गई है। सारी राशि की रिकवरी की जाने की तैयारी है। कनीय अभियंता पर कठोर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को लिखा जाएगा।ञ्जञ्ज
विजय कुमार, बीडीओ, बिरनी
सरकार की पॉलिसी ही गलत है
॥सरकार की पॉलिसी ही गलत है। भवन निर्माण कार्य का जिम्मा संवेदक के हाथों में दिया गया होता तो आज संवेदक पर कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैक लिस्टेड किया गया होता। लेकिन इसे कनीय अभियंता के हाथों सौंपा गया है। इसी कारण योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। पिछली बैठक में इस मामले पर सवाल खड़ा किया गया था। जिसमें कनीय अभियंता पर जल्द ही कार्रवाई करते हुए नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू कराने का निर्देश देने का निर्णय लिया जा चुका है।ञ्जञ्ज
विनोद सिंह, विधायक, बगोदर
बिरनी में लापरवाही के कारण नहीं हो पा रहा है सरकारी भवनों का निर्माण