खुद वंचित, दूसरों को दिलाते न्याय
घाटशिला. हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के इंजीनियर एम हक। अधिकारियों ने साजिश कर उन्हें बर्खास्त कर दिया। जिद की न्याय के लिए लड़ाई लडऩे की। कोर्ट गये, तो लगा काफी समय व पैसे खर्च होंगे। इस बीच लॉ की पढ़ाई की, डिग्री ली और इंजीनियर से वकील बन गये। अपने केस खुद लड़े और जीते भी। हालांकि लंबी कानूनी लड़ाई की वजह से उनका पूरा परिवार बिखर गया। पत्नी ने भी साथ छोड़ दिया। सिर्फ 22 माह की नौकरी के बाद रिटायर होने के बाद अब वे घाटशिला में ही गरीबों को न्याय दिलाने के लिए नि:शुल्क कानूनी सहायता दे रहे हैं।