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बच्चों के प्रति आयोग गंभीर: रूपलक्ष्मी

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - चाईबासा
झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के तत्वावधान में बुधवार को स्काउट बालिका विद्यालय के सभागार में शिक्षकों व स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों के बीच बाल अधिकार को लेकर एक कार्यशाला हुई। मौके पर आयेाग की अध्यक्ष रूपलक्ष्मी मुंडा ने कहा कि झारखंड में बाल संरक्षण आयोग का गठन वर्ष 2012 में किया गया। बाल संरक्षण कानून को पूर्ण रूप से लागू करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग को कई शक्तियां प्राप्त हैं।
उन्होंने कहा कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग मुख्य रूप से बाल अधिकारों का उल्लंघन रोकने, बच्चों के जीने, उनके संरक्षण और विकास, बाल यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण ((पोक्सो)) करता है। इनमें आयोग सीधे तौर पर जांच कर कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने शिक्षकों से बाल संरक्षण पर विशेष फोकस करने को कहा।
अवसर पर मुख्य रूप से पूर्वी सिंहभूम के जिला शिक्षा अधीक्षक इंदुभूषण सिंह, प्रमंडलीय कार्यक्रम पदाधिकारी एस प्रधान, चक्रधरपुर एसडीपीओ प्रियदर्शी आलोक के अलावा तीनों जिलों के शिक्षक- शिक्षिकाएं व एसएमसी, पंचायत समिति के प्रतिनिधि सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।