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फैमिली प्लानिंग के दौरान महिला की मौत

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज-!-जामताड़ा
शीतल अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही ने 26 वर्षीय अनोला की जान ले ली और उसके बाद प्रबंधन ने उसकी जान की कीमत 75 हजार रुपए लगाई। परिजनों ने जब हो हल्ला करना शुरू किया तो अस्पताल प्रबंधन द्वारा पति को मैनेज करने का प्रयास प्रारंभ कर दिया गया और 75 हजार रुपए कीमत तय कर बतौर अग्रिम के रूप में 10 हजार रुपए थमा दिया। इस पंचायत और मैनेजमेंट में समाज के संभ्रांत लोग भी शामिल थे। उसके बाद जब मृतक के पति ने कारण और दोषी के बारे में जानना चाहा तो अस्पताल प्रबंधन द्वारा टाल मटोल का रवैया अपनाया गया। उसके बाद घटना की जानकारी नाला थाना को दी गई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
तीन घंटे बाद दी मौत की सूचना-!-बताते चलें कि शीतल अस्पताल डायनामिक तरंग प्राइवेट लिमिटेड संस्था द्वारा संचालित किया जा रहा है। घटना नाला थाना क्षेत्र के कुंजबोना गांव स्थित शीतल अस्पताल का है। जहां सोमवार को बंध्याकरण शिविर आयोजित की गई थी। अस्पताल परिसर में कुल 17 महिलाओं का बंध्याकरण किया जाना था। मृतक का नंबर 13वां था। ऑपरेशन के बाद मरीज को बेड पर दिया गया। बाद में महिला का रक्त स्राव होने लगा। इस बात की जानकारी मृतिका के पति द्वारा चिकित्सक और कर्मी को दी गई। परंतु सबने उसकी बात को अनसुनी कर दिया। बाद में पति को वापस घर भेज दिया गया। लगभग तीन घंटे बाद अस्पताल से फोन किया गया कि उसकी पत्नी का निधन हो गया है।
कल्याण विभाग करता है संचालन-!-शीतल अस्पताल का संचालन कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है। सरकार से मोटी राशि बतौर अनुदान के रूप में मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल को दिया जाता है। इसके एवज में अस्पताल प्रबंधन द्वारा विभिन्न प्रकार की चिकित्सीय सुविधा मरीजों को उपलब्ध करायी जाती है। इसी के तहत बंध्याकरण शिविर आयोजित किया गया था।



रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई : सीएस

॥नाला प्रखंड के कुंजबोना स्थित शीतल अस्पताल में मरीज की मौत ऑपरेशन के बाद हो गई है। इसकी सूचना मिली है। चिकित्सकों की दो सदस्यीय टीम गठित कर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।ञ्जञ्ज डॉ वीके साहा, सिविल सर्जन, जामताड़ा



दोनों बच्चे का रोकर बुरा हाल

मौत की खबर के बाद परिवार में मातम छा गया है। अनोला की मौत के बाद उसके दो बच्चे कुछ समझ नहीं पा रहे हैं कि मां को क्या हो गया है। रह रहकर दोनों बच्चे मां को याद कर रोना शुरू कर देते हैं। वहीं दूसरी ओर परिवार के अन्य सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल है।

घटना के बारे में बताया जाता है कि बिंदापाथर थाना क्षेत्र के मथुरा गांव निवासी महेश्वर मंडल की 26 वर्षीय पत्नी अनोला मंडल का बंध्याकरण किया जाना था। बंध्याकरण का ऑपरेशन सही से नहीं हो पाया। ऑपरेशन के बाद जब महिला को बेड पर लाया गया तो उसे रक्त स्राव की शिकायत हुई। इस बारे में परिजन द्वारा अस्पताल प्रबंधन को जानकारी दी गई। परंतु प्रबंधन द्वारा शिकायत को तत्परता से नहीं लिया गया। बाद में प्रबंधक द्वारा पति को फोन कर सूचना दी गई कि अनोला की मृत्यु हो गई है। अनोला दो बच्चे की मां है। उसे एक पुत्र तथा एक पुत्री है। इसलिए पति-पत्नी ने बंध्याकरण कराना तय किया था।

75 हजार दे मामला रफा-दफा करना चाहा

यह है मामला

द्वारा चिकित्सक और कर्मी को दी गई। परंतु सबने उसकी बात को अनसुनी कर दिया। बाद में पति को वापस घर भेज दिया गया। लगभग तीन घंटे बाद अस्पताल से फोन किया गया कि उसकी पत्नी का निधन हो गया है।

कल्याण विभाग करता है संचालन-!-शीतल अस्पताल का संचालन कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है। सरकार से मोटी राशि बतौर अनुदान के रूप में मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल को दिया जाता है। इसके एवज में अस्पताल प्रबंधन द्वारा विभिन्न प्रकार की चिकित्सीय सुविधा मरीजों को उपलब्ध करायी जाती है। इसी के तहत बंध्याकरण शिविर आयोजित किया गया था।

निधन की सूचना मिलने पर पति मौके पर पहुंचा। मामले की जानकारी लेने की कोशिश किया तो अस्पताल प्रबंधन ने रफा दफा करने की बात कही। बाद में पति सहित अन्य परिजन द्वारा हो हल्ला किए जाने पर नाला पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों को समझाया गया। इस बीच दोनों पक्षों के लोगों के बीच कतिपय लोगों ने मध्यस्थता किया और 75 हजार रुपए की बात पर मामला को निपटाने की बात कही गई। सुबह मृतिका की लाश को जामताड़ा लाया गया। जहां चिकित्सकों का दो सदस्यीय टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया गया।

अस्पताल प्रबंधन ने चुप्पी साधी

इस संबंध में शीतल अस्पताल प्रबंधन के लोगों से संपर्क किया गया तो बात को टाल दिया गया और बहाना बनाया गया कि अभी व्यस्त हैं। बाद में जानकारी दी जाएगी। दैनिक भास्कर द्वारा शीतल अस्पताल के समन्वयक के नंबर 7250812563 पर संपर्क किया गया था।

ब्लीडिंग के बाद भी डॉक्टर ने की अनदेखी

॥चिकित्सकों ने लापरवाही बरती है। रक्त स्राव की शिकायत करने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीज की अनदेखी की गई। मरीज के हालत बिगडऩे की शिकायत की गई। लेकिन किसी ने तत्परता नहीं दिखायी। तीन घंटे बाद अस्पताल से पत्नी के मौत की खबर दी गई। बाद में लोगों ने जबरन पंचायती कर 75 हजार रुपए तय कर 10 हजार रुपए थमा दिया है। बाकी राशि 9 जनवरी को देने की बात कही है।ञ्जञ्ज महेश्वर मंडल, पति

परिजनों को मिलेगा दो लाख

॥बंध्याकरण के दौरान सभी महिलाओं का इंटीमिटी स्कीम योजना के तहत इंश्योरेंस कवर किया जाता है। प्रावधान के अनुसार यदि किसी की महिला की मौत हो जाती है तो दो लाख रुपए तक का अनुदान देने का प्रावधान है। जिला गुणवत्ता समिति द्वारा अनुशंसा किए जाने पर राज्य सरकार द्वारा यह राशि दी जाती है।ञ्जञ्ज दीपक गुप्ता, डीपीएम, एनआरएचएम।

नाला के कुंजबोना स्थित शीतल अस्पताल में सोमवार को लगाया गया था फैमिली प्लानिंग शिविर, अस्पताल प्रबंधन व चिकित्सक पर लापरवाही का लगाया आरोप