बिक्री नीति को पूर्ववत रखा जाए
भास्कर न्यूज - बोकारो
छोटानागपुर आयरन एण्ड स्टील एसोसिएशन की बैठक चास पुरुलिया रोड में हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए हरेंद्र सिंह ने कहा कि बोकारो इस्पात प्रबंधन द्वारा जब तक हमारी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तब तक सभी व्यापारी बोकारो इस्पात के ई-आक्शन का बहिष्कार करते रहेंगे। बीएसएल द्वारा कर संचालन में बदलाव के कारण बोकारो इस्पात द्वारा उत्पादित सेकेंड्री मैटेरियल राज्य के बाहरी व्यापारियों को सस्ता एवं स्थानीय व्यापारियों को महंगा खरीदना पड़ेगा। जबकि बोकारो इस्पात के सेकेंड्री मैटेरियल पर आधारित सैंकड़ों उद्योग और स्थानीय व्यापारी पहले से ही आर्थिक मंदी से जूझ रहे हैं। बोकारो इस्पात प्रबंधन की इस नीति से हजारों परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। इसलिए एसोसिएशन की बोकारो इस्पात प्रबंधन से मांग है कि बिक्री नीति को पूर्ववत की तरह ही रखा जाए। एसोसिएशन के महासचिव निवारण चंद्र महतो ने कहा कि २० जनवरी को अधिशासी निदेशक मैटेरियल से सकारात्मक वार्ता हुई है। इस मौके पर सचिव सिद्धार्थ पारिख, कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ डे, उपाध्यक्ष भगवान यादव, सुरेश अग्रवाल, दिलीप गोयल, अशोक श्रीवास्तव, अपूर्वा पांडेय, प्रदीप कलबलिया आदि मौजूद थे।
बोकारो - छोटानागपुर आयरन एण्ड स्टील एसोसिएशन की बैठक चास पुरुलिया रोड में हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए हरेंद्र सिंह ने कहा कि बोकारो इस्पात प्रबंधन द्वारा जब तक हमारी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तब तक सभी व्यापारी बोकारो इस्पात के ई-आक्शन का बहिष्कार करते रहेंगे। बीएसएल द्वारा कर संचालन में बदलाव के कारण बोकारो इस्पात द्वारा उत्पादित सेकेंड्री मैटेरियल राज्य के बाहरी व्यापारियों को सस्ता एवं स्थानीय व्यापारियों को महंगा खरीदना पड़ेगा। जबकि बोकारो इस्पात के सेकेंड्री मैटेरियल पर आधारित सैंकड़ों उद्योग और स्थानीय व्यापारी पहले से ही आर्थिक मंदी से जूझ रहे हैं। बोकारो इस्पात प्रबंधन की इस नीति से हजारों परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। इसलिए एसोसिएशन की बोकारो इस्पात प्रबंधन से मांग है कि बिक्री नीति को पूर्ववत की तरह ही रखा जाए। एसोसिएशन के महासचिव निवारण चंद्र महतो ने कहा कि २० जनवरी को अधिशासी निदेशक मैटेरियल से सकारात्मक वार्ता हुई है। इस मौके पर सचिव सिद्धार्थ पारिख, कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ डे आदि थे।