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48 घंटे बाद भी कॉलोनी का एकमात्र रास्ता बंद है

8 वर्ष पहले
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: धारा 144 की होगी कार्रवाई
: बीसीसीएल कर्मियों ने किया घनुडीह कोलियरी कार्यालय पर प्रदर्शन
भास्कर न्यूज - बलियापुर/ तिसरा
48 घंटे गुजर जाने के बाद भी करमाटांड़ कॉलोनी का रास्ता नहीं खुला। यह मामला पूरी तरह से अब प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। प्रशासन, प्रबंधन इस मामले को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। संभावना है कि 24 घंटे के अंदर धारा 144 लगा दी जाएगी। इधर कॉलोनी में रहने वाले बीसीसीएल कर्मी आंदोलन पर उतर आए हैं। कॉलोनी और घनुडीह कोलियरी कार्यालय पर कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान प्रबंधन विरोधी नारेबाजी की। कहा कि किसी भी परिस्थिति में कॉलोनी में वे लोग रहने को तैयार नहीं है। प्रबंधन अन्यत्र स्थानों पर सिफ्टिंग करे। बस्ताकोला प्रबंधन आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया।



एक क्षण भी नहीं रहना चाहते हैं कॉलोनी में कर्मी

करमाटांड़ कॉलोनी में दोबारी, चांदकुइंया, जीनागोरा आदि कोलियरियों से लोगों को वहां पर शिफ्ट किया गया है, लेकिन अधिकांश कर्मी घनुडीह कोलियरी से गए हैं। दर्जनों की संख्या में कर्मी घनुडीह कोलियरी कार्यालय पहुंचे। जिसमें अंजनी राय, यमुना निषाद, रामप्रवेश पासवान, कृष्णा दुसाध, अंजनी राय, सुरेन्द्र राय, अशोक भुइंया, वीरेन्द्र ठाकुर, श्रवण आदि प्रमुख थे। उक्त लोगों ने जोरदार तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। कहा कि 2009 से वे लोग इस मामले को लेकर उलझे हुए हैं। खास कर उनके बच्चे और घर के महिला सदस्यों में भय समा गया है। ऐसी स्थिति में वे लोग एक क्षण भी कॉलोनी में नहीं रहेगे। कॉलोनी से आने जाने में उक्त लोगों पर जान का खतरा है। प्रबंधन कार्रवाई करे।

बताते हैं कि गुरुवार की सुबह जमीन बचाओ मोर्चा के नेता भुवन रवानी, मिहिलाल रवानी, हरिलाल रवानी, गोपाल महतो, बबलू महतो, जीतन कुंभकार सहित दर्जनों किसान पहुंचे। कॉलोनी को जाने वाला एक मात्र रास्ता जो बंद कर दिया गया है, उसे और कंटीला झांड़ी देकर रास्ते को अवरुद्ध कर दिया। रास्ते पर गड्ढा खोद दिया। बाद में वहां सिंदरी इंस्पेक्टर श्रीकांत उपाध्याय, बलियापुर थाना प्रभारी नवल किशोर सिंह आदि पहुंच गए। तनाव को देखते हुए लोगों को शांत कराया।



नहीं मानी प्रशासन की बात