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जिम्मेवारों की लापरवाही से छात्रवृत्ति से वंचित रह गए सैकड़ों छात्र-छात्राएं

8 वर्ष पहले
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कल्याण पदाधिकारी ठहरा रहे हैं विभाग और प्राचार्य को जिम्मेवार

मामले को लेकर आंदोलन पर उतर सकते हैं अभिभावक

भास्कर न्यूज - झरिया

हरिजन छात्रवृत्ति से झरिया प्रखंड के सैकड़ों बच्चे वंचित रह गए। इसकी जद में झरिया प्रखंड के झरिया 1 व 2 के 15 हाई स्कूल आएंगे। यह मामला कभी भी गर्म हो सकता है। इसको लेकर संबंधित विद्यालय के प्राचार्य सशंकित हंै। मामले को लेकर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, रांची तथा संबंधित प्राचार्य पर दोषारोपण कर रहे हैं। सच्चाई जो भी हो इतना तो सत्य है कि दलित बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। झरिया के राज प्लस टू, झरिया एकाडेमी, एसई रेलवे स्कूल भागा, मजदूर हाई स्कूल कांडरा, लोदना हाई स्कूल, डीएवी झरिया, केसी गर्ल हाई स्कूल, गुजराती हिंदी उच्च विद्यालय सहित 15 विद्यालय प्रभावित होंगे।

20 से 25 दिनों तक चक्कर लगाकर बनवाया प्रमाण पत्र

झारखंड सरकार के कल्याण विभाग की ओर से हरिजन छात्रवृत्ति देने के लिए आदेश आया था। आदेश के आलोक में नियमानुसार कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को 180 रुपए प्रतिवर्ष, इसी तरह कक्षा 6 से 7 तक 360 रुपए, कक्षा 8 से 10 तक 660 रुपए राशि भुगतान होना है। सरकार के आदेश के आलोक में धनबाद के डीसी प्रशांत कुमार ने त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बीडीओ को निर्देश दिया था। निर्देश में कहा गया था कि छात्रवृत्ति पाने वाले छात्र-छात्राओं को आवासीय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र बनाने में कोताही नहीं बरते। सूचना के अनुसार उपायुक्त के बावजूद एक एक छात्र-छात्राओं ने 20-25 दिनों तक चक्कर लगाने के बाद झरिया प्रखंड से प्रमाण पत्र निर्गत हुआ।

बुधवार को प्राचार्य को मिली जानकारी

बुधवार को झरिया 1 एवं 2 के कई प्राचार्य कक्षा नौ और दस के छात्र-छात्राओं के कागजात लेकर जमा करने के लिए प्रखंड कल्याण पदाधिकारी भुवनेश्वर महतो के कार्यालय पहुंचे, जहां पर वैसे प्राचार्यों को दो टूक जवाब दिया गया। कहा कि कागजात जमा करने की तिथि समाप्त हो गई। सिर्फ शुक्रवार तक आज कक्षा एक से 5 तक के बच्चों का कागजात जमा हो सकता है।

हाथ-पांव फूलने लगे हैं प्राचार्यों के

इस बात की सूचना जैसे ही संबंधित प्राचार्यों को लगी उनके हाथ-पांव फूलने लगे हैं। उनकी बात मानें तो दो दिन पूर्व तक कल्याण पदाधिकारी ने कहा था कि अभी समय है। लिस्ट जमा समय पर देंगे। अब यह बात जैसे ही छात्र-छात्राओं के परिजन को लगेगा या पुछेंगे तो उन्हें क्या जवाब दिया जाय। ऐसी स्थिति में प्राचार्य ही कोपभाजन का शिकार बनेंगे।

पूर्व में सूचना दी गई थी संबंधित लोगों को

इस संबंध में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी भूवनेश्वर महतो ने दूरभाष पर बताया कि वे लिखित रूप से बीइइओ को तथा गुरुगोष्ठी में प्राचार्यों को तिथि के संबंध में जानकारी दे चुके हैं। अवधी समाप्त हो गयी है। कहा कि रांची कार्यालय अचानक 20 जनवरी को ही बंद करने का आदेश दे दिया। ऐसी स्थिति में वे क्या कर सकते हंै।







बुधवार को झरिया 1 एवं 2 के कई प्राचार्य कक्षा नौ और दस के छात्र-छात्राओं के कागजात लेकर जमा करने के लिए प्रखंड कल्याण पदाधिकारी भुवनेश्वर महतो के कार्यालय पहुंचे। वहां प्राचार्यों को दो टूक जवाब दिया गया। कहा कि कागजात जमा करने की तिथि समाप्त हो गई। सिर्फ शुक्रवार तक आज कक्षा एक से 5 तक के बच्चों का कागजात जमा हो सकता है। जिम्मेवारों की लापरवाही से नुकसान बच्चों को हुआ।

बुधवार को प्राचार्य को मिली जानकारी

20 से 25 दिनों तक चक्कर लगाकर बनवाया प्रमाण पत्र

झारखंड सरकार के कल्याण विभाग की ओर से हरिजन छात्रवृत्ति देने के लिए आदेश आया था। आदेश के आलोक में नियमानुसार कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को 180 रुपए प्रतिवर्ष, इसी तरह कक्षा 6 से 7 तक 360 रुपए, कक्षा 8 से 10 तक 660 रुपए राशि भुगतान होना है। सरकार के आदेश के आलोक में धनबाद के डीसी प्रशांत कुमार ने त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बीडीओ को निर्देश दिया था। निर्देश में कहा गया था कि छात्रवृत्ति पाने वाले छात्र-छात्राओं को आवासीय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र बनाने में कोताही नहीं बरते। सूचना के अनुसार उपायुक्त के बावजूद एक एक छात्र-छात्राओं ने 20-25 दिनों तक चक्कर लगाने के बाद झरिया प्रखंड से प्रमाण पत्र निर्गत हुआ।

भास्कर न्यूज - झरिया

हरिजन छात्रवृत्ति से झरिया प्रखंड के सैकड़ों बच्चे वंचित रह गए। इसकी जद में झरिया प्रखंड के झरिया 1 व 2 के 15 हाई स्कूल आएंगे। यह मामला कभी भी गर्म हो सकता है। इसको लेकर संबंधित विद्यालय के प्राचार्य सशंकित हंै। मामले को लेकर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, रांची तथा संबंधित प्राचार्य पर दोषारोपण कर रहे हैं। सच्चाई जो भी हो इतना तो सत्य है कि दलित बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। झरिया के राज प्लस टू, झरिया एकाडेमी, एसई रेलवे स्कूल भागा, मजदूर हाई स्कूल कांडरा, लोदना हाई स्कूल, डीएवी झरिया, केसी गर्ल हाई स्कूल, गुजराती हिंदी उच्च विद्यालय सहित 15 विद्यालय प्रभावित होंगे।



कल्याण पदाधिकारी ठहरा रहे हैं विभाग और प्राचार्य को जिम्मेवार