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- चार वर्षों से बीपीएल कार्ड धारियों को नहीं मिल रहा राशन का लाभ
चार वर्षों से बीपीएल कार्ड धारियों को नहीं मिल रहा राशन का लाभ
: मामला कांड्रा की टासरा बस्ती का
भास्कर न्यूज - झरिया
गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के लिए केंद्र सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं। इस योजना के मद में करोड़ों रुपये खर्च भी हो रहे हैं, लेकिन इन योजनाओं का लाभ सभी जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसा ही मामला लेकर मंगलवार को झरिया ब्लॉक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार धनबाद द्वारा संचालित कानूनी सहायता केन्द्र के पीएलवी के पास कुछ महिलाएं पहुंची। उक्त महिलाएं कांड्रा के तासरा बस्ती की रहने वाली हैं। महिलाओं का कहना था कि वे लोग बीपीएल धारी हैं। लेकिन इसके बावजूद भी 2010 से उन्हें चावल नहीं मिल रहा है।
महिलाएं हुईं ठगी की शिकार
इस संबंध में पीएलवी रीतू सिंह का कहना है कि उक्त मामला काफी गंभीर है। यह मामला बीपीएल धारकों के अधिकार का हनन है। मामले की जांच होगी। मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मजिस्ट्रेट व उपायुक्त के समक्ष भेज दिया गया है।
मामला गया मजिस्ट्रेट व उपायुक्त के पास
बस्ती की रहने वाली कजला देवी, कुसुम देवी, मनचली, खामा देवी, मो. अशरफ, पुतूल खातुन, कांति हांड़ी, कालो देवी, सुभद्रा देवी का कहना था कि वे ठगी का भी शिकार हो चुकी हैं। वर्ष 200१२ में वहीं का रहने वाला एक युवक द्वारा बैंक एकाउंट खुलवाने के नाम पर 200-200 रुपए लिया गया।
जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रहा योजनाओं का लाभ
पीएलवी ने किया आश्वस्त
महिलाएं कार्ड लेकर झरिया प्रखंड कार्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, धनबाद द्वारा संचालित कानूनी सहायता केंद्र्र की पीएलवी रितू सिंह से मिलीं। पीएलवी रितू सिंह ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मजिस्ट्रेट के समक्ष रखा जाएगा।
राशि देने की बात कह रोका गया चावल
बताते हैं कि कांड्रा बस्ती की रहने वाली करीब 40 महिलाएं जो बीपीएल कार्ड धारी है। इन लोगों को इस कार्ड पर पहले चावल मिल रहा था। वर्ष 2002 में यह कहकर पीडीएस डीलर ने चावल देने से मना कर दिया कि अब इसके एवज में उन्हें राशि दी जाएगी।
दर्जनों महिलाएं फरियाद लेकर पहुंचीं कानूनी सहायता केंद्र