कम पोषाहार को लेकर मारपीट की निंदा
भास्कर न्यूज - जामताड़ा
आंगनबाड़ी में सही तरीके से पोषाहार नहीं परोसे जाने का मामला को लेकर हुए मारपीट की घटना मंगलवार को जामताड़ा थाना पहुंचा। सेविका-सहायिका के कारनामे का विरोध ग्रामीणों ने किया। उपर्युक्त मामला जामताड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत मेझिया पंचायत स्थित गोखलाडीह गांव के बड़ा सूरजीटांड आंगनबाड़ी केंद्र का है। आरोप है कि गत 25 जनवरी के दोपहर में पोषाहार परोसने के दौरान ग्रामीण आजाद अंसारी ने कम मात्रा में पोषाहार दिए जाने को लेकर सेविका-सहायिका के साथ मारपीट की थी।
इसे लेकर बड़ा सूरजीटांड आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका मिरुदी सोरेन व सहायिका खैरूण निशा ने जामताड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाबत आवेदन दी थी। उन्होंने आजाद अंसारी पर गाली-गलोज, धक्का-मुक्की एवं रजिस्&52द्भ;टर फाडऩे का आरोप लगाया था। इस बाबत जामताड़ा थाना प्रभारी ने मंगलवार को ग्रामीणों के साथ सेविका व सहायिका को जामताड़ा थाना बुला कर उनके मामला का निष्पादन किया।
सेविका-सहायिका को पदमुक्त किए जाने की ग्रामीणों ने की मांग - वहीं गोखलाडीह के ग्रामीणों में से हलिमा बीबी, सरीफा बीबी, दुलेखा बीबी, सफीरन खातून सहित अन्य ने कहा कि गांव में करीब 10 साल से आंगनबाड़ी केंद्र है। उस समय से ही सेविका के पद पर मिरुदी सोरेन एवं सहायिका के पद पर खैरूण निशा पद स्थापित है। आजतक बच्चों को सही तरीके से पोषाहार नहीं बांटा है। सप्ताह में मात्र दो से तीन दिन ही खिचड़ी बनती है। जब वे इस बात का विरोध करते हैं तो सेविका व सहायिका झूठे केस में फंसाने की धमकी देते रहती है। यहां तक कि लाभुक सिर्फ 50 ग्राम तेल, डेढ़ सौ ग्राम दाल, आधा किलो चावल व ढाई सौ चीनी देता है। जबकि प्रावधान है तेल ढाई सौ ग्राम, चीनी आधा किलो, चावल डेढ़ किलो देना है। लेकिन सेविका एवं सहायिका मिलीभगत कर कम मात्रा ही लाती है। गत 25 को सफीरन बीबी ने उनके गड़बड़ झाले का विरोध किया तो सेविका एवं सहायिका ने उसके साथ मारपीट किया।
ग्रामीणों की मांग है कि आंगनबाड़ी केंद्र से सेविका व सहायिका को पद मुक्त किया जाए या नहीं तो आंगनबाड़ी केंद्र को ही यहां से हटा दिया जाए। अगर ऐसा नहीं होगा तो आंगनबाड़ी केंद्र को खुलने नहीं देंगे। वहीं सेविका मिरूदी सोरेन व सहायिका खैरूण निशा का कहना है कि आजाद अंसारी केंद्र पहुंच उनके साथ गाली-गलोज व मारपीट किया। रही बात पोषाहार कम देना का तो विभाग द्वारा ही सही मात्रा में पोषाहार उपलब्ध नहीं कराया जाता है। तब भी किसी तरह से प्रबंध कर लाभुक को समय-समय पर पोषाहार उपलब्ध कराया जा रहा है।
सेविका व सहायिका की ओर से प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर आवेदन दिया गया था। इस पर विचार किया गया। मामला की जांच करने के बाद दोनों पक्ष को थाना बुला कर आपस में सुलह करवा दिया गया। मामला का कारण पोषाहार वितरण था।ञ्जञ्ज मंगल प्रसाद कुजूर, थाना प्रभारी, जामताड़ा।
पहले भी तीन बार हो चुकी है झड़प
दोनों पक्ष को समझाया जा रहा है। ताकि आंगनबाड़ी केन्द्र भी सही तरीके से संचालित हो और बच्चे को भी अच्छी तरह से शिक्षा मिले। इससे पहले भी तीन बार ग्रामीण, सेविका व सहायिका के बीच तनाव हुआ है। उस वक्त पंचायत कर मामला को शांत करा दिया गया था।ञ्जञ्ज कमली देवी, मुखिया, मेझिया पंचायत।
लाभुकों को बराबर से ही कम पोषाहार दिया जा रहा है। यहां तक की सही तरीके से बच्चे के बीच भी पोषाहार नहीं बांटा जाता है। उन्होंने कई बार विरोध भी किया। लेकिन उनकी बात को न तो सेविका सुनती है न ही सहायिका। यहां तक केंद्र में किस योजना से कितना अनाज आता है इसका हिसाब भी नहीं रखती हैं।ञ्जञ्ज हसीना बीबी, अध्यक्ष, बड़ा सूरजीटांड, आंगनबाड़ी केन्द्र।
गत 25 जनवरी को दोपहर में सूखा पोषाहार का वितरण किया जा रहा था। अनाज लेने के लिए वे भी गए थे। उन्हें कम मात्रा में पोषाहार दिया जा रहा था। उन्होंने पोषाहार लेने से मना किया और कहा कि रजिस्&52द्भ;टर से उसका नाम हटा दीजिए। इसी बात को लेकर सेविका एवं सहायिका ने उसके साथ मारपीट किया और कपड़ा को फाड़ दिया।ञ्जञ्ज सफीरन बीबी, ग्रामीण, गोखलाडीह।