- Hindi News
- पंचायत प्रतिनिधियों ने विधायक को सौंपा आठ सूत्री मांग पत्र
पंचायत प्रतिनिधियों ने विधायक को सौंपा आठ सूत्री मांग पत्र
भास्कर न्यूज - जामताड़ा
त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को पूर्ण अधिकार दस दिनों में मिल जाएगा। उक्त बातें बुधवार को जामताड़ा के विधायक विष्णु प्रसाद भैया ने कही। जामताड़ा तथा नारायणपुर प्रखंड के त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधि संघ द्वारा पंचायत को तीसरी सरकार का अधिकार देने के संबंध में विधायक को मांग पत्र सौंपने के बाद विधायक ने कहीं। विधायक भैया ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 10 दिनों के अंदर जनप्रतिनिधियों को पंचायत का पूर्ण अधिकार देने की घोषणा करेंगे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि उनकी मांग को पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
इस दौरान मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य एवं वार्ड सदस्यों ने विधायक से मिलकर आठ सूत्री मांग पत्र सौंपा। मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष देवीशन हांसदा ने कहा कि भारतीय संविधान के 73वें संशोधन में अनुच्छेद 243 जी में पंचायत को तीसरी सरकार का अधिकार देने का उल्लेख है। कहा कि झारखंड में पंचायती राज का चुनाव 2010 में हुआ था। लेकिन तीन वर्ष बाद भी संविधान का पालन नहीं किया जा रहा है।
जिस कारण पंचायतों में विकास कार्य बाधित है। सरकार द्वारा 29 विभाग में से मात्र 9 विभाग ही पंचायत को दिया गया है। लेकिन उन विभागों में भी कार्यान्वयन नहीं हो रहा है। जिस कारण सरकारी सुविधा एवं विकास कार्य धरातल पर नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर मांग नहीं माना गया तो संघ द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मौके पर संघ के कोषाध्यक्ष कमल टुडू ने कहा कि पंचायत राज्य चुनाव हुए तीन साल से अधिक का समय गुजर गया है। लेकिन पंचायत जनप्रतिनिधि को अभी तक अधिकार नहीं दिया गया है। जिस कारण बिचौलिया, पदाधिकारी के माध्यम से विकास कार्य के लिए आए राशि का गबन करने में लगे हुए है। अगर पंचायत को तीसरी सरकार का अधिकार मिल जाएगा तो पंचायत के हर एक व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचेगा। ग्रामीण क्षेत्र में विकास की गंगा बहेगी।
मौके पर जिप सदस्य आनंद टुडू, असुंता टुडू, प्रमुख नीलमुनी मरांडी, मुखिया मालती सोरेन, भैरव हेम्ब्रम, मुनी मरांडी, अविलाष मरांडी, कमली मरांडी, जिबूति सोरेन, दिनेश मुर्मू सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
ये हंै मुख्य मांगें
संविधान के 73वें संशोधन के अनुसार पंचायत को तीसरी सरकार का दर्जा देना, अनुच्छेद 243जी के अनुसार 29 विभागों का कार्य का अधिकार दिया जाना, पंचायत को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में विकास मद में 50 लाख रुपए देना, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि को प्रति महीना सम्मानजनक मानदेय देना, बीआरजीएफ योजना की राशि को नियमानुसार तीन स्थान पर बंटवारा करना, पंचायत को दिए गए विभागों के अनटाइड फंड सीधे पंचायत को दिया जाना, प्राकृतिक आपदाओं बाढ, सुखा, वज्रपात, सांप काटने आदि से निपटने के लिए त्रिस्तरीय पंचायत को राशि देना, सामाजिक एवं अन्य सुविधा जैसे मैदान, पार्क, श्मशान घाट, जहेरथान आदि आधारभूत सामुदायिक सुविधा के लिए पंचायत को विकास की राशि दिया जाना आदि मांगें शामिल है।