पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गई सिंचाई योजना

सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गई सिंचाई योजना

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
दो वर्ष पूर्व विधायक ने किया था शिलान्यास

आईएपी के तहत लघु सिंचाई विभाग को करना था काम

दो वर्ष पूरे होने के बाद भी नहीं पंहुचा खेतों पर पानी

फोटो फाइल संख्या-28 बोकारो 102 से 107 में।

कैप्शन- गरगा नदी पर बना कुआं, इस जगह पर लगनी थी मशीन, इधर से होकर जानी थी पाइप, ग्रामीण बसंती देवी, आरुणि देवी व संजय सिंह ((सभी फोटो हेमंत कुमार की))





सुरेंद्र - बोकारो

जिले के चास प्रखंड स्थित गांव कटका में लघु सिंचाई विभाग की ओर से आईएपी योजना के तहत खेतों में सिंचाई के लिए पानी पहुंचाना था। इसके तहत विधायक समरेश सिंह की ओर से जनवरी 2012 में शिलान्यास भी किया गया। लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बावजूद अभी तक इस महत्वाकांक्षी योजना को पूरा नहीं किया जा सका। यह योजना 10 लाख रूपये की है। आखिरकार खेतों में कब तक पानी पहुंच पाएगा, इसके इंतजार में यहां की जनता बैठी है। लेकिन जिम्मेवार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।

कैसे ले जाना था खेतों तक पानी

चास प्रखंड के कटका में गरगा नदी का पानी खेतों तक पहुंचाने के उद्देश्य से गरगा नदी पर एक टंकी का निर्माण किया गया। उस टंकी से मशीन के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना था। लेकिन लापरवाही की वजह से अभी तक खेतों तक पानी पहुंचाने की योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। जिसकी वजह से किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। जब योजना का शिलान्यास हुआ था, उस वक्त आसपास के लोगों में यह उम्मीद जगी थी कि अब उनके खेतों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। जिससे वे तरह-तरह के अनाज व सब्जियों को उगा सकेंगे। लेकिन यह उम्मीद अभी तक पूरी नहीं हो सकी।

क्या-क्या हुआ है काम

खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए गरगा नदी पर पानी की टंकी बनायी गयी। वहीं टंकी के ऊपर की ओर जमीन में कुछ दूर तक पाइप बिछाया गया। बिजली के लाने के लिए खंभे में गाड़े गए। लेकिन दो साल बाद भी अभी तक इस योजना को पूरा नहीं किया जा सका। जिससे किसानों में निराशा देखी जा रही है। ग्रामीणों की ओर से विभाग का ध्यान कई बार आकृष्ट करवाया गया। इसके बावजूद अभी तक किसी तरह की कोई पहल नहीं हो रही है।

दिखावे के लिए लगा दी छोटी सी पाइप

आईएपी के तहत खेतों तक भले ही पानी पंहुचे या नहीं। लेकिन वहां के लोगों को दिलासा दिलाने के लिए छोटा सा पाइप लगाकर छोड़ दिया गया है। ताकि लोग निराश नहीं हो। लेकिन शिलान्यास के बाद दो वर्षों तक योजना के पूरी नहीं होने से अब लोग पूरी तरह से निराश हो गए हैं। अगर जल्द से जल्द योजना पूरी हो जाती तो आसपास के लोगों के रोजी-रोजगार की समस्या खत्म हो जाती। लोग धान, गेंहू सहित कई तरह के अनाज व कई प्रकार की सब्जियों को उगाकर लाभ कमाते। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। जो कि विभागीय लापरवाही को दर्शाता है।





जांच की जरूरत : संजय

भाजपा के जरीडीह प्रखंड अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने इसे विभागीय लापरवाही बताते हुए कहा कि इसकी जांच जल्द से जल्द होनी चाहिए। इस योजना के पूरी नहीं होने से लोग इससे होनेवाले लाभ से वंचित हैं।

खेत में कैसे जाएगा पानी

कटका बाउरी टोला निवासी बसंती देवी ने इसके बारे में कहा कि बहुत दिन से हमलोग सुन रहे हैं कि खेतों में पानी पंहुचाने के लिए यहां काम हो रहा है। लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। काम पूरा होता तो हमलोग अपने-अपने खेतों में कई तरह के फसल उगाने का काम करते।

हमलोग आशा देख रहे हैं

आरुणि देवी ने कहा कि जबसे यहां शिलान्यास हुआ है, उस समय से हमलोग सोच रहे थे कि अब हमलोग कई तरह के फसल खेतों में लगाकर उससे रोजगार करते। लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बावजूद अभी तक काम पूरा नहीं हुआ। इसलिए हमलोग निराश हो गए हैं।





संवेदक ठीक ढंग से नहीं कर पा रहा है काम : अभियंता

लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता राजीव कुमार ने कहा कि इस काम को संवेदक ठीक ढंग से नहीं कर पा रहा है। उसे ब्लैक लिस्टेड करने के बारे में विभाग की ओर से सोचा जा रहा है। वहीं बिजली वहां तक नहीं पंहुच पा रही है। जिसकी वजह से भी काम नहीं हो पा रहा है। अभी पाइप व मशीन नहीं लगाई जा सकी है।





गरगा नदी पर बना कुआं, इस जगह पर लगनी थी मशीन, इधर से होकर जानी थी पाइप

लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता राजीव कुमार ने कहा कि इस काम को संवेदक ठीक ढंग से नहीं कर पा रहा है। उसे ब्लैक लिस्टेड करने के बारे में विभाग की ओर से सोचा जा रहा है। वहीं बिजली वहां तक नहीं पंहुच पा रही है। जिसकी वजह से भी काम नहीं हो पा रहा है। अभी पाइप व मशीन नहीं लगाई जा सकी है।

संवेदक ठीक ढंग से नहीं कर

पा रहा है काम : अभियंता

भाजपा के जरीडीह प्रखंड अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने इसे विभागीय लापरवाही बताते हुए कहा कि इसकी जांच जल्द से जल्द होनी चाहिए। इस योजना के पूरी नहीं होने से लोग इससे होनेवाले लाभ से वंचित हैं।



बसंती देवी ने इसके बारे में कहा कि बहुत दिन से सुन रहे हैं कि खेतों में पानी पंहुचाने के लिए यहां काम हो रहा है। लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। काम पूरा होता तो हमलोग खेतों में फसल उगाने का काम करते।



आरुणि देवी ने कहा कि जबसे यहां शिलान्यास हुआ है, उस समय सेग सोच रहे थे कि अब हमलोग कई तरह के फसल खेतों में लगाकर उससे रोजगार करते। लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बावजूद अभी तक काम पूरा नहीं हुआ।

क्या-क्या हुआ है काम

खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए गरगा नदी पर पानी की टंकी बनायी गयी। वहीं टंकी के ऊपर की ओर जमीन में कुछ दूर तक पाइप बिछाया गया। बिजली के लाने के लिए खंभे में गाड़े गए। लेकिन दो साल बाद भी अभी तक इस योजना को पूरा नहीं किया जा सका। जिससे किसानों में निराशा देखी जा रही है। ग्रामीणों की ओर से विभाग का ध्यान कई बार आकृष्ट करवाया गया। इसके बावजूद अभी तक किसी तरह की कोई पहल नहीं हो रही है।

दिखावे के लिए लगा दी छोटी सी पाइप

आईएपी के तहत खेतों तक भले ही पानी पंहुचे या नहीं। लेकिन वहां के लोगों को दिलासा दिलाने के लिए छोटा सा पाइप लगाकर छोड़ दिया गया है। ताकि लोग निराश नहीं हो। लेकिन शिलान्यास के बाद दो वर्षों तक योजना के पूरी नहीं होने से अब लोग पूरी तरह से निराश हो गए हैं। अगर जल्द से जल्द योजना पूरी हो जाती तो आसपास के लोगों के रोजी-रोजगार की समस्या खत्म हो जाती। लोग धान, गेंहू सहित कई तरह के अनाज व कई प्रकार की सब्जियों को उगाकर लाभ कमाते। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। जो कि विभागीय लापरवाही को दर्शाता है।



दो वर्ष पूरे होने के बाद भी नहीं पंहुचा खेतों पर पानी

सुरेंद्र - बोकारो

जिले के चास प्रखंड स्थित गांव कटका में लघु सिंचाई विभाग की ओर से आईएपी योजना के तहत खेतों में सिंचाई के लिए पानी पहुंचाना था। इसके तहत विधायक समरेश सिंह की ओर से जनवरी 2012 में शिलान्यास भी किया गया। लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बावजूद अभी तक इस महत्वाकांक्षी योजना को पूरा नहीं किया जा सका। यह योजना 10 लाख रूपये की है। आखिरकार खेतों में कब तक पानी पहुंच पाएगा, इसके इंतजार में यहां की जनता बैठी है। लेकिन जिम्मेवार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।

कैसे ले जाना था खेतों तक पानी

चास प्रखंड के कटका में गरगा नदी का पानी खेतों तक पहुंचाने के उद्देश्य से गरगा नदी पर एक टंकी का निर्माण किया गया। उस टंकी से मशीन के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना था। लेकिन लापरवाही की वजह से अभी तक खेतों तक पानी पहुंचाने की योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। जिसकी वजह से किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। जब योजना का शिलान्यास हुआ था, उस वक्त आसपास के लोगों में यह उम्मीद जगी थी कि अब उनके खेतों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। जिससे वे तरह-तरह के अनाज व सब्जियों को उगा सकेंगे। लेकिन यह उम्मीद अभी तक पूरी नहीं हो सकी।

दो वर्ष पूर्व विधायक ने किया था शिलान्यास, आईएपी के तहत लघु सिंचाई विभाग को करना था काम