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व्यवसायियों में है गहरा रोष : रूपक

7 वर्ष पहले
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वाणिज्य कर में सरलीकरण के लिए चैंबर सचिव ने लिखा पत्र





भास्कर न्यूज - बोकारो

बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सचिव सह वैट कमेटी के चेयरमैन अंजनि कुमार रुपक ने झारखंड के वाणिज्य कर आयुक्त को पत्र भेजकर वाणिज्य कर के सरलीकरण की मांग की है। उन्होंने कहा है कि दिनांक २४.०४.२०१२ व दिनांक ११.०६.२०१२ को बोकारो में अपील कैंप कोर्ट की सुविधा स्थापित करने का जो निर्णय तत्कालीन आयुक्त द्वारा लिया गया था, उस निर्णय को अधीनस्थ पदाधिकारी अमल में नहीं ला रहे। जिससे व्यवसायियों में काफी रोष है। वैट के निबंधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए इसे और सरल किया जाए। बहुत सारे अंचलों में संशोधित रूल-०३ ए को अमल में नहीं लाया जा रहा है। जिसकी वजह से व्यापारियों को अभी भी विभाग का चक्कर लगाना पड़ता है। जिसके कारण से बहुत सारे व्यापारी विभाग में निबंधन कराने से आज भी डरते हैं। या तो रूल-०३ ए को सख्ती से लागू कराया जाए या राजस्व हित में इसे झारखंड प्रोफेशनल टैक्स के पंजीकरण की तरह कर दिया जाए। विलासिता कर की सीमा को न्यूनतम २०० रूपये प्रति कमरे से बढ़ाकर १००० रूपये प्रति कमरा किया जाए। होटल संचालकों से डेली रिपोर्ट देने के प्रावधान को अविलंब खत्म किया जाए। कारण कि झारखंड टैक्सेशन ऑन लक्जरी इन होटल रूल्स २०११ के अनुसार प्रत्येक तिमाही के खत्म होने के २५ वें दिन तक रिटर्न जमा करने का प्रावधान है। इसे रूल ८((१)) के अनुसार प्रत्येक तिमाही ही रहने दिया जाए।







बोकारो - बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सचिव सह वैट कमेटी के चेयरमैन अंजनि कुमार रुपक ने झारखंड के वाणिज्य कर आयुक्त को पत्र भेजकर वाणिज्य कर के सरलीकरण की मांग की है। उन्होंने कहा है कि दिनांक २४.०४.२०१२ व दिनांक ११.०६.२०१२ को बोकारो में अपील कैंप कोर्ट की सुविधा स्थापित करने का जो निर्णय तत्कालीन आयुक्त द्वारा लिया गया था, उस निर्णय को अधीनस्थ पदाधिकारी अमल में नहीं ला रहे। जिससे व्यवसायियों में काफी रोष है। वैट के निबंधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए इसे और सरल किया जाए। बहुत सारे अंचलों में संशोधित रूल-०३ ए को अमल में नहीं लाया जा रहा है।