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हड़ताल का असर, अफसर भी होंगे वेतन के लाले
भास्कर न्यूज - जामताड़ा
झारखंड राज्य अनु सचिवीय कर्मचारी संघ के आह्वान पर समाहरणालय संवर्ग के कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब जनता के साथ अधिकारियों पर भी पडऩे लगा है। हड़ताल के कारण जिले में पदस्थापित उपायुक्त सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों को जनवरी का वेतन समय पर नहीं मिलने की आशंका है। मालूम हो कि हर माह वेतन बनाने का काम जिला स्थापना शाखा करता है। स्थापना शाखा के प्रधान सहायक सहित सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसलिए वेतन बनाने का काम नहीं हुआ है और महीना समाप्त होने में मात्र दो दिन बचे हैं। स्थापना शाखा का वेतन बनाने के बाद कोषागार से विपत्र के आधार पर वेतन की निकासी की जाती है। कोषागार में समाहरणालय संवर्ग के कर्मचारी पदस्थापित किए जाते हैं, जो हड़ताल पर हैं।
उपायुक्त कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी कार्यालय, जिला पंचायती राज कार्यालय, जिला निर्वाचन कार्यालय, जिला कल्याण कार्यालय, जिला भविष्य निधि कार्यालय, प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय, अंचलाधिकारी कार्यालय व कोषागार कार्यालय। इस अवसर पर संघ के नेता अर्जुन सिंह, बैजू झा, रामविलास पंडित, आजाद मुर्मू, अजय दास, कमल किशोर दास, नसीम, राजेश कुमार, देवाशीष सिंह, गौतम चौबे, ज्योति वंदना, सुरेश हाजरा, संतोष कुमार, समीर कुमार, शिवकुमार हेंब्रम, प्रसन्नजीत मंडल, प्रभात आदि थे।
इन कार्यालयों में काम हो रहा प्रभावित
एक फरवरी के बाद बिगड़ सकती है स्थिति
राज्य सरकार के परिवहन, शिक्षा, कल्याण, निबंधन समेत कई विभागों में हड़ताल नहीं है, क्योंकि इन कार्यालयों में समाहरणालय संवर्ग के कर्मचारी पदस्थापित नहीं होते हैं। इन विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की वेतन निकासी कोषागार के मार्फत की जाती है। कोषागार के कर्मियों के हड़ताल के कारण इन विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को जनवरी का वेतन नहीं मिलेगा। दूसरी ओर, एक फरवरी के बाद मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सांसद विकास निधि, विधायक विकास निधि, सम विकास योजना, पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि की राशि की भी निकासी बाधित होगी।
बुधवार को भी जारी रहा धरना
इधर, हड़ताली कर्मचारियों का धरना बुधवार को भी जारी रहा। समाहरणालय के समक्ष धरना की अगुवाई कर रहे संघ के जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्रा, सचिव बैजू झा ने बताया कि एक ओर सरकार बर्खास्त करने की धमकी देती है और दूसरी ओर वार्ता के लिए आमंत्रित करती है। सरकार की नीति स्पष्ट नहीं है। 31 जनवरी को उन्हें वार्ता के लिए बुलाया गया है। हड़ताल के 9वें दिन कल्याण विभाग तथा जिला भविष्य निधि विभाग के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए।
हड़ताल के लंबा चलने पर जमीन-मकान के निबंधन पर भी असर पडऩा तय माना जा रहा है। कोषागार से स्टाम्प की निकासी होती है। 21 जनवरी को स्टाम्प की निकासी की जानी थी। लेकिन, उसी दिन से हड़ताल शुरू हो गई, जिसके कारण स्टाम्प की निकासी नहीं हो सकी। इसलिए, अब बाजार में स्टाम्प की किल्लत होने का अंदेशा है।
जमीन-मकान का रजिस्ट्रेशन भी होगा बाधित
ञ्च21 जनवरी से चल रही समाहरणालय संवर्ग के कर्मचारियों की हड़ताल ञ्चजिले के 91 कर्मचारी हड़ताल में हैं शामिल
एक नजर
मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हंै समाहरणालय व प्रखंड कार्यालयों के कर्मी, महीना खत्म होने में १ दिन बाकी