अब किराए के मकान में नहीं चलेंगे औषधालय
: विभाग ने जिले के सभी औषधालयों को सरकारी भवन में शिफ्ट करने का दिया निर्देश
भास्कर न्यूज - जामताड़ा
अब किराए के मकान में स्वास्थ्य विभाग के औषधालय संचालित नहीं होंगे। सरकार द्वारा इसकी कवायद प्रारंभ कर दी गई है। एनआरएचएम की रांची में विगत 21 जनवरी को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकारी औषधालय जितने भी किराए के मकान में संचालित हैं उन्हें सरकारी भवन में स्थानांतरित किया जाय। इस बावत संबंधित पदाधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिया गया। बैठक के आलोक में जिला आयुष पदाधिकारी द्वारा जामताड़ा जिले में संचालित आयुष चिकित्सा के तहत आयुर्वेदिक, यूनानी और होमियोपैथी के 11 औषाधालय जिला के विभिन्न प्रखंडों में किराए के मकान में संचालित होने की सूचना सिविल सर्जन को दिया गया।
पत्राचार के माध्यम से आयुष पदाधिकारी ने सिविल सर्जन से उन औषधालयों के लिए भवन की मांग की है। सिविल सर्जन डॉ वीके साहा द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए उपलब्धता के आधार पर औषधालयों को सरकारी भवन में शिफ्ट करने हेतु जगह आवंटित कर दिया है। आवंटन के बाद आयुर्वेदिक, यूनानी और होमियोपैथी के कुछ औषधालयों को सरकारी भवन में जगह मिल गई है। इसके तहत राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय मिहिजाम, कुंड हित को स्थान आवंटित कर दिया गया है। जबकि राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय जामताड़ा को पूर्व में ही सदर अस्पताल परिसर स्थित जन औषधि केंद्र भवन में जगह उपलब्ध करा दी गई है।
वहीं राजकीय होमियोपैथी औषधालय मेंझिया एवं लाधना में जगह आवंटित कर दी गई है। इसके अलावा राजकीय यूनानी औषधालय फतेहपुर को भी सरकारी भवन में जगह मिल गया है। इस बावत सिविल सर्जन डॉ वीके साहा ने कहा कि सरकारी निर्देशानुसार जिन प्रखंडों में जगह उपलब्ध थी वहां पूर्व से संचालित यूनानी, होमियोपैथी और आयुर्वेदिक औषधालय को सरकारी भवन में जगह उपलब्ध करा दी गई है। जहां जगह की कमी थी वहां अभी भी औषधालय पूर्व की भांति किराए के मकान में चल रहे हैं। बताते चलें कि सरसकुंडा एवं चैनपुर स्थित आयुर्वेदिक औषधालय, खजुरी स्थित होमियोपैथी तथा अफजलपुर में यूनानी औषधालय को भवन उपलब्ध नहीं कराया जा सका है।