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पुलिस के हत्थे चढ़ा मनोज कई मामलों में थी तलाश

7 वर्ष पहले
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: 16 जनवरी की रात हुई बोलेरो की चोरी में पुलिस को थी तलाश
भास्कर न्यूज - मिहिजाम
अंबेडकर नगर से 16 जनवरी की रात बिना नंबर प्लेट की बोलेरो चोरी की घटना में मधुपुर पुलिस के हत्थे चढ़ा मनोज अपराध की दुनिया में कई नामों से जाना जाता है। मनोज के पिता चिरेका कर्मी थे उनके निधन के बाद मनोज की मां चिरेका कर्मी है। लेकिन पिता का साया सर से उठते ही अपराध की दलदल में ऐसा फंसा की फंसता चला गया। चित्तरंजन, मिहिजाम सहित आस पास के क्षेत्रों में लूट और आतंक का पर्याय बने मनोज कई बार पश्चिम बंगाल और झारखंड के जेल की हवा खा चुका है। कभी मनोज डोम, कभी मनोज मल्लिक, कभी मनोज हाजरा तो कभी मनोज चौधरी नामों से अपराध करता रहा है।
रेलवे का भी सामान चुराने का है आरोपी : इससे पहले भी मनोज वर्ष 2013 में दशहरा से पूर्व मल्लिक व उसके साथ एक अन्य आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर रेलवे सुरक्षा बल ((आरपीएफ)) चित्तरंजन ने राहत की सांस ली थी। मनोज की तलाश कई थानों की पुलिस के साथ साथ आरपीएफ को महीनों से थी। मनोज के बारे में बताया जा रहा है कि कुछ वर्ष से चोरी, डकैती की दुनिया में आतंक मचा रखा है।
मनोज ने इससे पूर्व रेलवे के कई सामान के साथ-साथ तांबे के तार, डीबी गल्र्स स्कूल के भौतिक व रसायन विभाग के लैब से कई कीमती सामान पर हाथ साफ किया था। उसे कानगोई इलाके के पास से पकड़ा गया था।




दशहरा पूर्व हुई लूटपाट में भी मनोज का नाम आया था

चित्तरंजन में दशहरा से पूर्व हुई एक रेल आवास में लूटपाट की घटना में मनोज का नाम सामने आया था। हालांकि मनोज उस दौरान पुलिस के हाथ नहीं लगा था। लेकिन पुलिस ने उसकी बाइक व कई सामान जब्त किए थे। पुलिस के मुताबिक दशहरा से पूर्व चित्तरंजन के 11 नंबर रास्ते में एक आवास में मनोज के साथ और तीन लोगों ने घुस कर लूटपाट किया था। घटना के दौरान घर में मौजूद एक वृद्ध महिला को इन लोगों ने हाथ पैर और मुंह बांध कर जेवर, मोबाइल, नगदी समेत हजारों रुपए की संपत्ति लूटी थी। तभी से चित्तरंजन पुलिस इन लोगों की सरगर्मी से तलाश कर रही थी। पुलिस गौतम और मनोज को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। साथ हीं श्रीकांत एवं दिलीप की तलाश जारी है। इनमें गौतम एक चोरी की दो पहिया वाहन 10 हजार रुपए में बेच कर देवघर के लखेटियामोड़ पहुंचा था समझा जा रहा है कि इसी गिरोह ने अब तक क्षेत्र से चोरी हुई वाहनों को ठिकाने लगाया है। इनकी गिरफ्तारी को पुलिस उपलब्धि मान रही है।



चोरी से पहले करता है रेकी

बोलेरो चोरी की जांच में निकली पुलिस को वाहन मालिक ने पूछताछ के बाद बताया कि गौतम, मनोज और श्रीकांत का वाहन चोरी होने से पूर्व खूब आना जाना लगा था। अक्सर उन्हें इसी इलाके में घूमते देखा जाता था। लेकिन वाहन चोरी की घटना के बाद इन लोगों को जब कई दिनों तक नहीं देखा गया तो वाहन मालिक को शक हुआ और पुलिस को पूरा ब्यौरा दिया। पुलिस ने इन तथ्यों के आधार पर अनुसंधान शुरू किया और 10 दिनों में ही मामले में सफलता प्राप्त कर ली। पूछताछ में इन लोगों ने पुलिस को बताया कि वाहन को बिना चाभी के ही सेल्फ स्टाटर के वायर काटकर स्पार्क किया और वाहन स्टार्ट कर चलते बने। इससे पहले राजकुमार के घर से वाहन को धकेल कर थोड़ी दूर लाया गया। सांरवा के निकट मिली वाहन के नंबर नहीं रहने के चलते वाहन के इंजन नंबर, चेसिस नंबर का मिलान किया गया। जिससे स्पष्ट हुआ कि वाहन मिहिजाम निवासी राजकुमार का ही है। घटना के सिलसिले में गिरफ्तार कई लोग मिहिजाम व चित्तरंजन के ही है।