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चार से कस्तूरबा विद्यालयों में शुरू होगा स्मार्ट क्लास
डीसी ने किया विद्यालयों का निरीक्षण, कसमार कस्तूरबा में होगा उद्घाटन
निरीक्षण के दौरान डीसी ने अव्यवस्था पर जताई नाराजगी
समाचार के साथ फोटो देखें।
फोटो फाइल संख्या-30 बोकारो 101 और 102 में।
कैप्शन- चास स्थित कस्तूरबा विद्यालय में निरीक्षण करते डीसी व अन्य अधिकारी तथा छात्राओं से बात करते डीसी।
भास्कर न्यूज - बोकारो
चार फरवरी से जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज शुरू हो जाएंगे। इसका उदघाटन राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इसकी तैयारी में जिला प्रशासन लग गया है। गुरुवार को डीसी उमाशंकर सिंह ने अधिकारियों के साथ कस्तूरबा विद्यालयों का निरीक्षण किया। उद्घाटन समारोह के लिए कसमार कस्तूरबा विद्यालय का चयन किया गया। उल्लेखनीय है कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही गरीब बच्चियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के लिए सरकार ने स्मार्ट क्लास शुरू करने का निर्देश दिया है। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के प्रोजेक्टर और अन्य सामान के साथ शिक्षिकाएं भी नियुक्त कर दी गई हैं। कई विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज शुरू कर दिए गए हैं, लेकिन इसका विधिवत उदघाटन चार फरवरी को मुख्यमंत्री करेंगे। समारोह के लिए डीसी सिंह ने विद्यालयों का निरीक्षण करते हुए कसमार कस्तूरबा विद्यालय का चयन किया। इस अवसर पर जिला योजना पदाधिकारी पीबीएन सिंह, बेरमो एसडीओ राहुल कुमार, विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता भोला राम, चास के बीडीओ विजेंद्र कुमार, विद्यालय की वार्डेन दीपाली कुमारी आदि उपस्थित थे।
...और डांट पड़ गई डीएसई को
डीसी ने चास कस्तूरबा विद्यालय के निरीक्षण के दौरान छात्राओं से बात की। उन्होंने शिक्षा के साथ उनके रहने और भोजन की भी जानकारी छात्राओं से ली। इस दौरान बिजली कटी हुई थी। छात्राओं से जब डीसी ने पूछा तो उन्होंने सरलता से बता दिया कि लगभग दो घंटे से बिजली कटी हुई है। ऐसा अक्सर होता है। डीसी ने इस बात को गंभीरता से लिया। उन्होंने डीएसई विनित कुमार से पूछा कि आवासीय विद्यालय में सैकड़ों छात्राएं रहती हैं। जेनरेटर की व्यवस्था क्यों नहीं की गई है। डीएसई ने कहा कि जेनरेटर है लेकिन उसे रात में चलाया जाता है। इसपर डीसी सिंह ने डीएसई को फटकार लगाते हुए कहा कि छात्राओं की सुविधा के लिए दिन में भी जेनरेटर चलाना है। बिजली नहीं रहने पर स्मार्ट क्लासेज बंद नहीं होने चाहिए। वे दो दिन बाद फिर यहां आएंगे अगर व्यवस्था नहीं सुधरी तो कार्रवाई करेंगे। डीसी ने स्मार्ट क्लासेज की ट्रेनर ममता को निर्देश दिया कि प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्राओं को अंग्रेजी में बताया जाता है, अगर छात्राओं को पूरी बात समझ में न आए तो उन्हें हिंदी में ट्रांसलेट कर समझाया जाए।