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राष्ट्रपिता गांधी जी के सिद्धांतों पर अमल करें युवा : डॉ. सुरेंद्र

7 वर्ष पहले
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: नेहरू युवा केंद्र ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को शहादत दिवस के रूप में मनाया
भास्कर न्यूज - जामताड़ा
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्य तिथि रेडक्रॉस सभा कक्ष में गुरुवार को शहीद दिवस के रूप में मनाया गया। उक्त कार्यक्रम नेहरू युवा केंद्र व भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी ने संयुक्त रूप से किया। बता दें कि उक्त दिवस कुष्ठ निवारण दिवस के रूप में भी मनाए जाने का चलन है। पुण्य तिथि कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कुष्ठ पदाधिकारी डॉ. सुरेंद्र, रेडक्रॉस सचिव राजेंद्र, संयुक्त सचिव सत्यप्रकाश व रफीक अनवर की सहभागिता से हुई। महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया। सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलने का लोगों ने मौन रूप से संकल्प लिया। डॉ. सुरेंद्र ने गांधी जी के सिद्धांतों पर अमल करने की आदत डालने की बात कही।
रफीक अनवर ने गांधी जी के देश हित में किए गए कार्य को अनुसरण करने की बात कही। रेडक्रॉस सचिव राजेंद्र ने वर्तमान समय में गांधी जी के सिद्धांतों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। नेहरू युवा केंद्र के समन्वयक व कार्यक्रम संचालक रामदेव ने गांधीवाद के बारे में कुछ हद तक लोगों को बताया।
कुष्ठ से बचाव की जानकारी दी - वहीं रेडक्रॉस के पहल पर कुष्ठ से बचाव के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डॉ. सुरेंद्र ने कहा कि कुष्ठ रोग माइक्रो बेक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु से फैलता है। उक्त जीवाणु धीरे -धीरे बढ़ता है। इसके फैलने में 2-5 साल तक का समय लगता है। कुष्ठ का प्रमुख लक्षण है शरीर पर दाग व सुन्नापन्न व हाथ-पैर में झुनझुनाहट का अहसास होते रहता है। सरकार की ओर से कुष्ठ रोगियों के इलाज की नि:शुल्क व्यवस्था है। इसका इलाज फिलहाल सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर किया जाता है।
उन्होंने कहा कि पांच साल पूर्व तक जामताड़ा जिला कुष्ठ प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित था। अभी फिलहाल जिला में 60 कुष्ठ रोगियों को चिह्नित किया गया है। सबों का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों से कुष्ठ निवारण को लेकर समाज में जागरूकता व प्रचार-प्रसार करने की अपील की। प्रशिक्षक मनोज कुमार ने कुष्ठ रोग के लक्ष्ण व बचाव के संदर्भ में प्रशिक्षणार्थियों को विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों के बीच कुष्ठ प्रशिक्षण को लेकर प्रमाण पत्र भी बांटा गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 70 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।