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सितंबर में किताबों की उम्मीद

8 वर्ष पहले
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ञ्च शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के बावजूद सरकारी विद्यालयों में बच्चों को नहीं उपलब्ध कराई गई हैं किताबें
भास्कर न्यूज. जामताड़ा
शैक्षणिक सत्र 2014-15 में सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले जिले के लगभग डेढ़ लाख बच्चों को दी जाने वाली नि:शुल्क किताबों की छपाई और सप्लाई के लिए एक बार फिर टेंडर जारी किया गया है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने ८ अप्रैल को टेंडर जारी कर दिया है। 9 अप्रैल से टेंडर डॉक्यूमेंट दिया जाएगा। 21 अप्रैल को इसके लिए प्री बिड मीटिंग होगी। ५ मई तक बिड डॉक्यूमेंट प्राप्त किया जा सकता है। छह मई को टेक्निकल बिड होगा। इस संबंध में जेईपीसी की राज्य परियोजना निदेशक ने निर्देश जारी कर दिया है।
उल्लेख्रनीय है कि पिछली बार किसी भी प्रकाशक के बिड में क्वालीफाइ नहीं करने की वजह से पूरा टेंडर रद्द कर दिया गया था। इसके बाद जेईपीसी ने चुनाव आयोग से पुन: टेंडर जारी करने की अनुमति मांगी थी।
चुनाव आयोग से अनुमति मिलने के बाद एक बार फिर टेंडर जारी किया गया है। इससे पहले निकले टेंडर को तीन बार स्थगित भी किया गया था। किताबों की छपाई में हो रही गड़बडिय़ों के कारण इस वर्ष छपाई के लिए टेंडर की प्रक्रिया ((फरवरी से)) देर से शुरू हुई। पिछले दो वित्तीय वर्षों में तो इसी कारण किताबों के प्रकाशन में खर्च काफी बढ़ता गया। 2011-12 में जहां इस पर मात्र 45.58 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। वहीं 2013-14 में यह खर्च बढ़कर 99 करोड़ रुपए हो गया। 2013-14 में किताबों के प्रकाशन की तो जांच भी हो रही है। गत वर्ष केंद्र ने भी टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाया था। इसी गड़बड़ी से बचने के लिए ही इस वित्तीय वर्ष में एनसीईआरटी से किताबें छपवाने का निर्णय लिया गया था। लेकिन एनसीईआरटी से खरीदारी पर अधिक राशि लग रही थी इसकी वजह से फिर से टेंडर जारी कर किताबों को छपवाने का निर्णय लिया गया।
इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय बीत चुका है लेकिन अभी तक टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है। फिर से टेंडर प्रक्रिया पूरी करने और कार्यादेश देने के बाद तीन माह का समय प्रकाशक छपाई और सप्लाई में लगाएंगे। तीन माह का समय प्रकाशकों को देना होगा। इसके अनुसार सितंबर में ही बच्चों को किताबें मिल सकेगी।