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लोकसभा चुनाव लडऩे के 24 घंटे के अल्टीमेटम पर भड़के शिवानंद
भास्कर न्यूज - पटना
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के चुनाव में सत्तारूढ़ जदयू द्वारा अपने सभी तीन मौजूदा सांसदों को बेटिकट किए जाने पर पार्टी में उठा पटक शुरू हो गई है। राज्यसभा सदस्य शिवानंद तिवारी ने बुधवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह को लिखे पत्र में राज्यसभा से बेटिकट किए जाने को लेकर जमकर खरी-खोटी सुनाई । बक्सर से लोकसभा चुनाव लडऩे के संबंध में फैसला करने के लिए 24 घंटे के अल्टीमेटम संबंधी खबर पर कहा कि मैं स्तंभित हूं। लगता है कि आपकी स्मरण शक्ति पर उम्र का असर समय से पहले पडऩे लगा है।
शिवानंद ने प्रिय वशिष्ठ भाई से संबोधित पत्र में कहा है कि 22 जनवरी की रात साढ़े नौ बजे आपने मुझे नीतीश कुमार का फरमान सुनाया था कि मुझे बक्सर से चुनाव लडऩा है, तो अविलंब मैंने आपको बता दिया कि मैं चुनाव नहीं लडूंगा। दूसरे दिन कर्पूरी जयंती जयंती के दौरान नीतीश ने अपने भाषण के दरम्यान चुनौती भरे लहजे में कहा कि जो लोग कहते हैं कि पार्टी कमजोर है, वे चुनाव लड़कर दिखाएं। जिस ढंग से पार्टी चलाई जा रही है उससे पार्टी कमजोर हो रही है, ऐसा सिर्फ मैंने ही राजगीर की शिविर में कहा था। तो एनके सिंह और साबिर अली को राज्यसभा से काट कर चुनाव लडऩे के लिए क्यों कहा जा रहा है।
हद तो साबिर के मामले में हुई है। उसे तो रामविलास जी ने राज्यसभा में भेजा था। उसका तो वहीं टर्म समाप्त हो रहा है। दोबारा राज्यसभा में उसको भेजा जाएगा, इसी शर्त पर वह हमलोगों के साथ आया था। मेरी जानकारी के अनुसार जो पक्की है पिछली बार नीतीश जब दिल्ली आए थे, बिहार निवास में शाबिर और एनके सिंह के सामने जब किसी ने नीतीश से पूछा कि साबिर साहब का टर्म तो समाप्त हो रहा है। अब इनका क्या होगा। तो नीतीश ने सबके सामने कहा था कि साबिर साहब दोबारा राज्यसभा जाएंगे।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में साबिर का किस प्रकार दोहन हुआ है यह बहुतों की जानकारी में है। जिसमें थोड़ी आदमियत होगी, वह उसके साथ इस प्रकार का व्यवहार कैसे कर सकता है। शिवानंद ने पत्र में कहा है कि एनडीए से जब हमलोग बाहर निकले थे उसी समय मैंने नीतीश को कहा था कि मैं चुनाव नहीं लडऩा चाहता हूं। आप लडि़ए- यह कहने में उस समय क्या दिक्कत थी। चुनाव लडऩे का फैसला सुनाने के लिए श्रीकृष्ण मेमोरियल का मंच क्यों चुना गया। फैसला सुनाने का अंदाज और तेवर था वह चुनाव जीताने वाला था या हराने वाला? इसलिये जब दोबारा पूछा गया, तो फिर मैंने इंकार कर दिया था। फिर यह अल्टीमेटम वाली बात कहां से आ गई। आश्चर्य है। पत्र को प्रेस में जारी करने की सूचना भी दी गई है।
मालूम हो, जदयू सांसद एनके सिंह को बांका और साबिर अली को शिवहर से लोकसभा चुनाव लडऩे कहा गया है। साबिर अली ने सहमति जताई है पर एनके सिंह हां या ना का निर्णय नहीं कर पाए हैं।