दिल्ली में दिख रहा बदलाव : दीपंकर
भास्कर न्यूज - पटना
राज्य में युवाओं से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर आईसा और इनौस ने बुधवार को आक्रोश मार्च निकाला। इसमें आईसा, इनौस, टीईटी-एसटीईटी के सफल अभ्यर्थियों के साथ अन्य लोगों ने भी भाग लिया। गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास के लिए निकले इस मार्च को आर ब्लॉक चौराहे पर रोक दिया गया। आर ब्लॉक चौराहे पर एक सभा हुई, जिसे सीपीआई एमएल के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने भी संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि आज सरकारें नौजवानों की नहीं सुन रही हैं। वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव नरेंद्र मोदी या राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए नहीं होगा, बल्कि यह चुनाव नीतियां थोपने वालों के खिलाफ होगा। दिल्ली में बदलाव की लहर दिख चुकी है, अब पूरे देश की बारी है। दिसंबर में दिल्ली में आम आदमी का नाम लेकर बनाने वाली पार्टी की सरकार से काफी उम्मीद है। लेकिन, दिल्ली विश्वविद्यालय में दूसरे राज्यों के छात्रों के खिलाफ बनी नीतियां संदेह पैदा कर रही हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में क्षेत्र के नाम पर आरक्षण का हम विरोध करेंगे।
दीपंकर ने कहा कि मुख्यमंत्री के संकल्प के बावजूद राज्य में बिजली की हालत अच्छी नहीं है। मनमाने बिजली बिल से लोग परेशान हैं। हमारी मांग है कि हर गरीब को पहले 50 यूनिट तक की बिजली माफ की जाए और 100 यूनिट तक रेट हाफ किए जाएं। वहीं, आईसा के राष्ट्रीय महासचिव अभ्युदय ने कहा कि विश्वविद्यालयों की स्थिति खराब है।
राज्य सरकार इसमें सुधार के बजाए निजी विवि खोलने जा रही है। इसका हम विरोध करते हैं। इस दौरान आईसा के सुधीर कुमार, दिव्या गौतम, नीतू आदि भी मौजूद थे।