बीआरसी-डीआरसी का हर साल बढ़ेगा मानदेय
भास्कर न्यूज - पटना
मिड डे मील योजना के अंतर्गत प्रखंड साधन सेवी और जिला साधन सेवी के मानदेय में हर साल की वृद्धि की जाएगी। साथ ही उन्हें स्कूल भ्रमण के लिए पेट्रोल खर्च और मोबाइल दिए जाएंगे। यह घोषणा बुधवार को शिक्षा मंत्री पीके शाही ने बीआरसी-डीआरसी के लिए चल रहे चरणवार प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर की। उन्होंने कहा कि इसे लेकर कार्रवाई शुरू करने का आदेश विभाग को दे दिया गया है। वर्तमान में इन्हें 7500 रुपए मानदेय मिलता है। शाही ने कहा कि पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर राज्य के 1500 स्कूलों में गैस चूल्हे पर मिड डे मील बनाया जाएगा। रसोइए को एप्रन दिया जाएगा। अप्रैल से स्कूलों में हैंड वाश कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसके तहत बच्चों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जाएगा। अभी 67 फीसदी बच्चे रोजाना मिड डे मील खाते हैं। इसे 100 फीसदी बच्चों तक पहुंचाना है।
मौके पर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अमरजीत सिन्हा, प्राथमिक शिक्षा सचिव एम सरवण, मिड डे मील के निदेशक आर लक्ष्मणन आदि मौजूद थे।
नालंदा को प्रथम पुरस्कार
वर्ष 2012-13 में मिड डे मील में बेहतर कार्य करने के लिए नालंदा, जहानाबाद और सुपौल को क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिया गया। इन जिलों के तत्कालीन जिलाधिकारी संजय अग्रवाल, बालमुरूगन डी और कुमार रवि के साथ डीईओ और मिड डे मील प्रभारियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही इन जिलों के वर्तमान पदाधिकारियों को भी पुरस्कृत किया गया।