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डाउनलोड करेंभोपाल. कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी विधायकों को लोकसभा चुनाव लड़ाने के पक्ष में नहीं है। विधायकों को केवल उसी स्थिति में लोकसभा का टिकट दिया जाएगा, जब उस सीट से कोई अन्य मजबूत दावेदार नहीं होगा। मौजूदा 11 सांसदों के टिकट पर फैसला पूरी तरह आलाकमान पर छोड़ दिया जाएगा।
रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में दिल्ली में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में लोकसभा उम्मीदवार तय करने के लिए मापदंडों पर प्रारंभिक चर्चा हुई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव और नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे इस समिति के सदस्य हैं। सूत्रों के अनुसार बैठक में यह आम राय थी कि मौजूदा विधायकों को लोकसभा चुनाव नहीं लड़ाया जाए।
2009 के चुनाव में कांग्रेस ने दो विधायकों सज्जनसिंह वर्मा और राव उदयप्रताप सिंह को चुनाव लड़ाया था और दोनों ही जीते थे। राव उदयप्रताप विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए हैं। बताया जाता है कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और पूर्व मंत्री मुकेश नायक लोकसभा टिकट के दावेदार हैं। स्क्रीनिंग कमेटी ने युवाओं को ज्यादा से ज्यादा मौका देने का भी सैद्धांतिक निर्णय लिया है।
राज्यसभा में जा सकते हैं अरुण
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव को पार्टी राज्यसभा भेज सकती है। यादव फिलहाल खंडवा से सांसद हैं और माना जा रहा है कि प्रदेशाध्यक्ष मनोनीत होने के बाद वे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
प्रदेश में होंगे नेताओं के संयुक्त दौरे
प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक 24 जनवरी को होगी। अरुण यादव के प्रदेशाध्यक्ष मनोनीत होने के बाद कार्यकारिणी की यह पहली बैठक होगी। बताया जाता है कि इस बैठक में लोकसभा चुनाव की रणनीति पर विचार होगा। बताया जाता है कि आलाकमान ने यादव और कटारे को पूरे प्रदेश में संयुक्त दौरे करने को कहा है। कार्यकारिणी की बैठक में इसकी विस्तृत रूपरेखा बन सकती है।
प्रदेश चुनाव समिति का पुनर्गठन
कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश चुनाव समिति का भी पुनर्गठन कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव को समिति का चेयरमेन बनाया गया है। नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे और विधानसभा उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार सिंह को समिति का सदस्य बनाया गया है। विधानसभा चुनाव के टिकट तय करने के लिए 22 जनवरी को गठित चुनाव समिति के शेष सदस्य इस समिति में भी सदस्य रहेंगे। इनमें कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह, केंद्रीय मंत्री कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया आदि शामिल हैं।
पीसीसी का पुनर्गठन लोकसभा चुनाव के बाद
कांग्रेस सूत्र बताते हैं कि यादव अपनी नई टीम लोकसभा चुनाव के बाद घोषित करेंगे। लोकसभा चुनाव के दौरान वरिष्ठ नेताओं से विवाद टालने के लिए वे पूर्व अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया की टीम से ही काम चलाएंगे, हालांकि पदाधिकारियों के कामकाज के बंटवारे में बदलाव हो सकता है। प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर नीखरा को फिलहाल प्रभारी उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने को कह दिया गया है। प्रवक्ता रवि सक्सेना उनके साथ पीसीसी के प्रबंधन का काम देख रहे हैं।
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