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मंत्री के आदेश के बाद भी मूल विभाग में वापसी नहीं
नगर संवाददाता. भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सालों से प्रतिनियुक्ति पर अन्य विभागों में जमे कॉलेजों के प्राध्यापकों और सहायक प्राध्यापकों को वापस बुलाने के आदेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले को लेकर विभागों के बीच रस्साकसी शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने जहां प्रतिनियुक्ति में पदस्थ सहायक प्राध्यापकों व प्राध्यापकों को 24 घंटे में रिलीव करने के निर्देश दिए हैं। वहीं विभिन्न विभागों के अफसरों ने कहा है जिम्मेदार अधिकारी मिलने तक किसी को भी रिलीव नहीं करेंगे।
प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण समिति के चेयरमैन डॉ. टीआर थापक ने विभाग के इस फैसले के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखने की तैयारी कर ली है। उनका कहना है कि समिति के चेयरमैन का पद वैधानिक होता है तथा इस पद पर खुद शासन द्वारा तीन साल के लिए नियुक्ति की जाती है। इस पद पर नियुक्त हुए अभी उन्हें महज तीन महीने ही हुए हैं। उनकी मूल पदस्थापना उज्जैन के शासकीय माधव साइंस कॉलेज में हैं। इधर, व्यावसायिक परीक्षा मंडल ((व्यापमं)) के संचालक तरुण पिथोरे ने भी फिलहाल प्रभारी परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय कुमार जैन को रिलीव करने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि व्यापमं को निकट भविष्य में कई परीक्षाएं आयोजित करनी है। ऐसी स्थिति में यदि डॉ. जैन को रिलीव कर दिया जाता है तो पूरा कामकाज प्रभावित हो जाएगा। श्री पिथोरे ने कहा है कि जब तक शासन द्वारा कोई जानकार अफसर परीक्षा नियंत्रक के पद पर नहीं भेजा जाता, तब तक डॉ. जैन को रिलीव नहीं किया जाएगा। इस संबंध में व्यापमं संचालक ने राज्य शासन को पत्र भी लिखा है। डॉ. जैन छह महीने पहले ही शासकीय कॉलेज जबलपुर से प्रतिनियुक्ति पर आए थे। उधर, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विवि के कुलपति प्रो. एमएल छीपा ने भी रजिस्ट्रार डॉ. उदय नारायण शुक्ला को रिलीव करने से इंकार किया है। उन्होंने बताया कि विवि में पूर्व से ही स्टॉफ की कमी है। ऐसे में बड़ी मुश्किल से डॉ. शुक्ला अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अगर उन्हें तत्काल रिलीव कर दिया जाता है तो विवि की व्यवस्था ही ठप हो जाएगी। डॉ. शुक्ला शासकीय एमएलबी कॉलेज ग्वालियर से प्रतिनियुक्ति पर आए थे। इसी तरह की समस्याएं अन्य विभागों से भी आने की जानकारी सामने आई है।
हमारी प्राथमिकता कक्षाओं में शिक्षकों की उपस्थिति
वहीं, उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता के अनुसार शासन की प्राथमिकता कक्षाओं में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराना है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि छात्रों को किसी भी प्रकार से पढ़ाई का नुकसान न हो। उनका कहना है कि जो प्राध्यापक व सहायक प्राध्यापक सालों से प्रतिनियुक्ति पर हैं, उन्हें ही 24 घंटे के अंदर रिलीव करने को कहा गया है। जिनकी प्रतिनियुक्ति को कम समय हुआ है, उन्हें रिलीव करने के लिए कुछ समय की छूट दी जाएगी। प्रतिनियुक्ति पर गए इन शिक्षकों की नई पदस्थापना जल्द ही होगी। उन्होंने बताया कि विभागीय अफसरों को कोर्ट में चल रहे केसों के निराकरण के लिए निजी वकील की सेवाएं लेने को कहा गया है। साथ ही विवि में खाली होने वाले रजिस्ट्रार के पदों को भी भरने की तैयारी करने को कहा गया है।
उच्च शिक्षा विभाग में जमे शिक्षक भी जाएंगे
उधर, सहायक प्राध्यापकों, प्राध्यापकों व लाइब्रेरियन के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने विभाग में भी प्रतिनियुक्ति पर जमे शिक्षकों को वापस कॉलेज भेजने की तैयारी कर ली है। विभाग ने इन शिक्षकों व अफसरों की भी सूची बनानी शुरू कर दी है। बताया जाता है कि विभाग के उप सचिव महेंद्र सिंह रघुवंशी, ओएसडी राकेश श्रीवास्तव, डॉ. एसडी सिंह, अतिरिक्त संचालक सुधा बैस, संयुक्त संचालक डॉ. विभा शुक्ला, डॉ. केएम जैन, ओएसडी डॉ. एसके पारे, डॉ. अखिलेश शर्मा, डॉ. वीके शुक्ला, डॉ. मनीषा दुबे, डॉ. एएस यादव, डॉ. आनंद सिंह आदि को वापस उनके मूल पद पर भेजा जा सकता है।