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प्रो. कृष्ण कुमार ने बताया ‘स्किल’-‘कौशल’ का फर्क
सिटी रिपोर्टर भोपाल
‘कौशल’ और ‘स्किल’ में अंतर है। ‘स्किल’ शब्द के मायने सीमित अर्थों में हैं, वहीं, ‘कौशल’ व्यापक है।’ यह विचार प्रो. कृष्ण कुमार ने व्यक्त किए। बुधवार को केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान की ओर से आयोजित ‘कौशल क्या है’ विषय पर व्याख्यान में नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग ((एनसीईआरटी)) के पूर्व निदेशक और प्रसिद्ध समाजशास्त्री प्रो. कृष्ण कुमार ने ‘स्किल’ और ‘कौशल’ के बीच अंतर बताए। श्यामला हिल्स स्थित रीजनल कॉलेज में आयोजित व्याख्यान में प्रो. कृष्ण ने कहा कि आजकल टीचर्स का जॉब सिक्योर नहीं है। ऐसे में स्टूडेंट्स के स्किल डेवलपमेंट के लिए वे काम नहीं कर पा रहे हैं। जॉब में स्थायित्व के साथ उन्हें अधिकार मिलना चाहिए।
पद्मश्री सम्मान प्राप्त प्रो. कुमार ने कहा कि ‘स्किल’ सिर्फ तकनीक में पारंगत होने तक सीमित है, जबकि भारतीय संदर्भ में पुराने लोगों के पास ‘कौशल’ होता था। इसकी व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें व्यक्ति खुद को बदलने के साथ ही समाज को बदलने की दिशा में आगे बढ़ता है। कार्यक्रम में केंद्रीय व्यावसायिक संस्थान के निदेशक आरबी शिवागुंडे, आस्फा एम. यासीन और प्रो. विपिन जैन मौजूद थे।
कॉन्ट्रैक्ट पर टीचर रखने से हुआ नुकसान
प्रो. कुमार ने कहा कि आजकल टीचर्स को संविदा नियुक्ति पर रखा जा रहा है। टीचर्स को खुद की जॉब की सिक्योरिटी नहीं है, ऐसे में वे खुद क्वालिटी एजुकेशन नहीं दे पा रहे हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के साथ मध्यप्रदेश भी इस समस्या से ग्रसित है। प्रो. कुमार ने कहा कि एनसीईआरटी की किताबों का संपादन भी एजेंसियों को सौंपा जा रहा है। इससे शिक्षा के स्तर में गिरावट आई है।
जॉब नहीं टास्क क्रिएट करना आवश्यक
प्रो. कुमार ने कहा कि आजकल गवर्नमेंट जॉब क्रिएशन की घोषणाएं करती हैं। सरकार के लिए जॉब टास्क है। इस तरह वे टास्क क्रिएट करते हैं, उन्हें कौशल से कोई सरोकार नहीं होता। कई बार राजनेताओं-अधिकारियों और शिक्षाविदों के बीच की लड़ाई में सही निर्णय नहीं हो पाता। उदाहरण देकर बताया कि एनसीईआरटी नवोदय विद्यालय खोलने के पक्ष में नहीं था। पर दबाव के चलते उसे लागू करना पड़ा। व्याख्यान में अखिल भारत शिक्षा मंच के अध्यक्ष प्रो. अनिल सद्गोपाल ने शिक्षा और काम को जोडऩे पर बल दिया। टेक्निकल एजुकेशन और स्मार्ट क्लास से नुकसान हुआ है।
रीजनल कॉलेज में बुधवार को एनसीईआरटी के पूर्व निदेशक और पद्मश्री सम्मान प्राप्त समाजशास्त्री प्रो. कृष्ण कुमार का व्याख्यान आयोजित।
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 प्रो. कृष्ण