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बिजली चोरी के तरीकों से हैरत में पड़े इंजीनियर

8 वर्ष पहले
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भोपाल. इलेक्ट्रॉनिक मीटर में छेडख़ानी कर बिजली चोरी करने के तरीके देखकर बिजली कंपनी के इंजीनियर भी हैरान हैं। गुरुवार को गोविंदपुरा स्थित कंपनी की लैब में विजिलेंस टीम और कंपनी के इंजीनियरों की मौजूदगी में टेस्ट किए गए मीटरों में बहुत बारीकी से रजिस्टेंस और डिवाइस लगे होना पाए गए।

भास्कर संवाददाता ने टेस्टिंग के दौरान कई ऐसे मीटर देखे। मीटर के सर्किट में फिट किए गए रजिस्टेंस देखकर कोई साधारण इंजीनियर तो यह समझ ही नहीं सकता कि छेड़छाड़ की गई है। विजिलेंस टीम द्वारा जब्त मीटरों की लैब में जांच की गई। टेस्टिंग के बाद कंपनी ने छह उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी के मामले दर्ज कराए।

लिक्विड डालकर जाम कर देते हैं मीटर

कंपनी के अतिरिक्त महाप्रबंधक ((सतर्कता)) संजय निहलानी ने बताया कि बिजली चोर, मीटरों में इंजेक्शन के जरिए पानी, ग्लिसरीन या कोई लिक्विड डालकर पुश बटन जाम कर देते हैं। टेस्टिंग के दौरान कुछ मीटरों में इस तरह की छेड़छाड़ किया जाना पाया गया।

तीन साल तक की सजा

बिजली चोरी करने पर संबंधित उपभोक्ता को तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। चोरी का मामला उजागर होने पर उपभोक्ता को पहले समझौता राशि का भुगतान करने को कहा जाता है। इसमें उपभोक्ता को चोरी की गई कुल बिजली खपत की दो गुनी दर से बिल दिया जाता है।

घरों से लेकर शो-रूम तक में लगे ऐसे मीटर

:जहांगीराबाद में एक गारमेंट दुकान के संचालक राकेश मनवानी ने मीटर में चार बारीक रजिस्टेंस लगाकर करंट रिकॉर्ड करने वाली क्वाइल जाम कर दी थी। इससे मीटर 95 फीसदी बिजली की खपत ही नहीं दर्शाता।

: चौक स्थित साडिय़ों के शो-रूम रूपाली के मीटर में रीडिंग दर्शाने वाला डायल काउंटर जाम पाया गया।

:जहांगीराबाद निवासी अब्दुल हबीब के मीटर में सुई से छेद कर छेड़छाड़ किया जाना पाया गया। इसके जरिए मीटर में लगे तार काटकर बिजली चोरी की गई।