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दिग्विजय को अशुभ बताने वाले प्रदेश सचिव निलंबित

8 वर्ष पहले
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विशेष संवाददाता.भोपाल
राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह को ‘अशुभ व्यक्ति’ बताने वाले प्रदेश कांग्रेस सचिव जगदीश यादव के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कांग्रेस में दिन भर पॉलिटिकल ड्रामा चलता रहा। प्रदेश प्रभारी उपाध्यक्ष रामेश्वर नीखरा ने जगदीश यादव को निलंबित कर नोटिस जारी कर दिया। कुछ देर बाद दिग्विजय सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव को जगदीश का निलंबन वापस लेने के लिए पत्र लिख दिया। इस घटनाक्रम के बाद शनिवार शाम को जगदीश यादव ने भी सुर बदलते हुए कहा कि सारा मामला मीडिया का फैलाया हुआ है।
दिग्विजय ने अपने पत्र में लिखा है कि जगदीश यादव कांग्रेस के पुराने नेता हैं। वे उनकी किसी बात को अन्यथा नहीं लेते, इसलिए उनका निलंबन वापस लिया जाना चाहिए। जगदीश यादव के निलंबन के सवाल पर प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति बनाई गई है। जगदीश को नोटिस दिया गया है। उनका जवाब आने के बाद ही कोई फैसला होगा। निलंबन में क्या उनकी सहमति है? इस सवाल को टालते हुए उन्होंने कहा कि यह चैप्टर अब क्लोज है। जब जांच समिति के सदस्यों के नाम पूछे गए तो वो भी उन्होंने नहीं बताए। दिग्विजय सिंह से जुड़े एक नेता ने कहा कि प्रभारी उपाध्यक्ष रामेश्वर नीखरा ने जगदीश यादव को निलंबित जरूर कर दिया, लेकिन अरुण अपने समर्थक के खिलाफ इस कार्रवाई के पक्ष में नहीं थे। यही वजह है कि जगदीश यादव को जारी नोटिस में सात दिन में जवाब मांगा गया है। इस जवाब के बाद जगदीश यादव को बहाल कर दिया जाएगा।



शुक्रवार को कहा था -

भोपाल में पीसीसी के बैठक के दौरान पत्रकारों से कहा कि आज के शुभ दिन मैं उस अशुभ व्यक्ति ((दिग्विजय सिंह)) का नाम भी नहीं लेना चाहता।

शनिवार सुबह मीडिया से बोले -

विद्याचरण-श्यामाचरण शुक्ल के अलावा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के परिवार और सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी के परिवार में दिग्विजय सिंह ने ही बिखराव कराया। यह बात गांधी परिवार को समझना चाहिए। वे मेरी हत्या करा सकते हैं। दिग्विजय पार्टी के लिए नहीं बल्कि व्यक्तिगत हित के लिए काम करते हैं। प्रदेश में कोई उन्हें पसंद नहीं करता, वे तानाशाह हैं। मुझे निलंबित किया जाना एकपक्षीय और पार्टी संविधान के खिलाफ है। इस देश में आतंकी कसाब को भी अपनी बात कहने का मौका मिलता है, इसलिए निलंबन से पहले उन्हें भी यह मौका मिलना चाहिए था।

.. और शाम तक सुर बदल गए

दिग्विजय सिंह का पत्र आने के बाद ‘दैनिक भास्कर’ ने फिर पूछा तो जगदीश यादव बोले- दिग्विजय सिंह के संबंध में टिप्पणी का मामला मीडिया जनित है। बैठक के दौरान मैंने जो बात रखी थी उसे मीडिया में सार्वजनिक करने के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं। पार्टी ने निलंबित नहीं किया है, सिर्फ पीसीसी से उन्हें नोटिस दिया जा रहा है, जो भी नोटिस मिलेगा जवाब दूंगा।

24 घंटे में बयान से पलटे जगदीश यादव

ञ्चदिग्विजय ने अरुण यादव को लिखा पत्र-जगदीश का निलंबन वापस लें

ञ्चअरुण भी जगदीश यादव के खिलाफ कार्रवाई के मूड में नहीं