व्यवस्था बदली तो बढ़ जाएंगी मुश्किलें
नगर संवाददाता - भोपाल
न्यू मार्केट के व्यापारी नो व्हीकल जोन व्यवस्था के खिलाफ फिर एकजुट हो गए हैं। उनका कहना है कि ग्राहकों के वाहन भीतर न आ पाने के कारण उनका कारोबार ५० फीसदी तक घट गया है। इसलिए वे चाहते हैं कि ग्राहकों की टू व्हीलर गाडिय़ां मार्केट के भीतर तक आने दी जाएं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि नो व्हीकल जोन बनाए जाने से पहले न्यू मार्केट में गाडिय़ों की आवाजाही के कारण जो स्थिति बन जाती थी, उससे ग्राहकों के साथ-साथ व्यापारियों को भी परेशानी होती थी। यही कारण है कि वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित करने के लिए व्यापारियों ने भी सहमति जताई थी। यदि पुरानी
व्यवस्था फिर से लागू होती है तो कारोबार बढऩे की बजाय अव्यवस्था ही बढ़ेगी।
वर्ष 2007 में टीटी नगर थाने के सामने और क्वालिटी रेस्टॉरेंट के पास स्लाइडिंग गेट लगाकर वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया था। रविवार को क्षेत्र में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान न्यू मार्केट व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष नानक सिंह दुआ ने वाहनों का प्रवेश फिर शुरू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मंगलवार से व्यापारियों से रायशुमारी की जाएगी। इसके बाद जिला प्रशासन के सामने व्यापारियों की मांग रखी जाएगी।
सर्कल के भीतर व्यापारियों की 897 दुकानें हैं। मार्केट में 123 रहवासी भी हैं। इनके 2000 से ज्यादा वाहन सर्कल के अंदर पार्क किए जाते हैं। नो व्हीकल जोन खत्म किया जाता है तो इन वाहनों की पार्किंग का इंतजाम करना होगा।
कहां होगी 2000 गाडिय़ों की पार्किंग
अव्यवहारिक है मांग
॥यह मांग ही अव्यवहारिक है। किसी भी मार्केट या मॉल जैसी जगह पर पैदल ग्राहकों से ही ज्यादा व्यवसाय होता है। मार्केट में पैदल चलकर दुकानों तक पहुंचने में ज्यादा आसानी होती है। निगम प्रशासन नो व्हीकल जोन खत्म नहीं करेगा।ञ्जञ्ज
विशेष गढ़पाले, कमिश्नर, नगर निगम
॥न्यू मार्केट में नो व्हीकल जोन व्यापारियों की सहमति से ही बनाया था। अब उन्हीं के द्वारा जोन में ग्राहकों के वाहनों को प्रवेश की अनुमति दिए जाने की मांग करना गलत है।ञ्जञ्ज
एमएस भदौरिया, डीएसपी, ट्रैफिक
५० फीसदी ही रह गया है कारोबार
॥नो व्हीकल जोन बनने से मुझे अपनी एक होटल बंद करनी पड़ी। अच्छा खासा व्यवसाय कर लेता था। अब दूसरी दुकान पर भी 50 फीसदी कारोबार ही रह गया है। यह दायरा हटा दिया जाए तो हमारा व्यवसाय अपने आप बढ़ जाएगा।ञ्जञ्ज
प्रकाश राठौर, मिठाई व्यवसायी
॥हम चाहते हैं कि दो पहिया वाहनों का प्रवेश पहले जैसा रहने दिया जाए। वाहनों के प्रवेश पर रोक से कारोबार चौपट हो गया है, त्योहारी सीजन छोड़कर आम दिनों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहता है।ञ्जञ्ज
कमल गौड़, कपड़ा व्यवसायी
॥ पांच साल में मेरे सामने क्षेत्र में 11 होटल व रेस्टोरेंट बंद हो गए। व्यापारी भी क्या करें, जब कारोबार ही नहीं होगा तो उनके सामने कोई चारा ही नहीं बचेगा।ञ्जञ्ज
रामअवतार अग्रवाल, रहवासी
न्यू मार्केट को नो व्हीकल जोन बनाने के सात साल बाद एक बार फिर से यहां वाहनों को प्रवेश और पार्किंग को लेकर गतिरोध की स्थिति बन रही है। व्यापारी कारोबार प्रभावित होने की दलील देकर मार्केट के भीतर दो पहिया वाहनों की एंट्री शुरू करने की बात कह रहे हैं। हालांकि नगर निगम, टै्रफिक पुलिस और टै्रफिक एक्सपर्ट उनकी इस मांग से सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि यह मांग अव्यवहारिक है। इससे मार्केट में अव्यवस्था बढ़ेगी और लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाएगा।
मल्टीलेवल पार्किंग पर हो जोर
यदि नो व्हीकल जोन खत्म किया जाता है तो सर्कल के भीतर आने वाले ग्राहकों के लिए जोखिम ज्यादा बढ़ जाएगा। अभी सर्कल के भीतर पैदल ग्राहक आराम से चल-फिर सकते हैं। व्यवस्था खत्म होने पर तेज वाहन चलाने वालों से इन्हें खतरा हो सकता है। इससे बेहतर तो ये है कि मल्टीलेवल पार्किंग की मांग पर ज्यादा जोर दिया जाए।ञ्जञ्ज
सिद्धार्थ रोकड़े, एक्सपर्ट, ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन
न्यू मार्केट - व्यापारियों की मांग- दो पहिया वाहनों को मिले मार्केट में प्रवेश, लेकिन विशेषज्ञ बोले-
एक्सपर्ट व्यू