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दो संस्थानों के विवाद में अटकी 10 हजार छात्रों की मार्कशीट

7 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता - भोपाल
मप्र भोज मुक्त विश्वविद्यालय और सेडमैप ((सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट, मप्र)) संस्था के बीच फीस को लेकर चल रहे विवाद से करीब 10 हजार छात्रों की मार्कशीट अटक गई है। ये छात्र पिछले एक साल से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कम्प्यूटर एप्लीकेशन ((पीजीडीसीए)) व डिप्लोमा इन कम्प्यूटर एप्लीकेशन ((डीसीए)) की मार्कशीट के लिए भटक रहे हैं। विवि ने छात्रों को मार्कशीट देने से इंकार कर दिया है। इसकी वजह सेडमैप द्वारा विवि को पिछले ७ साल से छात्रों की फीस का भुगतान नहीं करना है।
विवि प्रशासन ने सेडमैप पर करीब 2 करोड़ 12 लाख रुपए से अधिक की फीस रिकवरी निकाली है, जबकि सेडमैप ने केवल 6 लाख रुपए ही बाकी होने की बात कही है। पीजीडीसीए व डीसीए कोर्स के लिए भोज विवि और सेडमैप के बीच वर्ष 2006 में करार हुआ था। इस करार के बाद सेडमैप ने वर्ष 2006 से 2012 तक विवि को छात्रों की फीस का भुगतान नहीं किया। विवि प्रशासन के मुताबिक 2006 से 2011 तक प्रवेशित छात्रों की कुल फीस 2 करोड़ 67 लाख 7 हजार 94 थी, लेकिन सेडमैप ने इस दौरान केवल 1 करोड़ 72 लाख 4 हजार 658 रुपए ही जमा किए थे। 95 लाख 42 हजार 436 रुपए अभी भी सेडमैप को जमा करना बाकी है।
इसी प्रकार सत्र 2011-12 में 76 केंद्रों में दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेशित 10 हजार छात्रों की फीस 1 करोड़ 63 लाख 41 हजार 688 थी लेकिन सेडमैप ने 46 लाख 63 हजार 220 रुपए ही जमा किए थे। जबकि अभी भी सेडमैप को 1 करोड़ 16 लाख 78 हजार 468 रुपए विवि में जमा करना बाकी है।




मप्र भोज मुक्त विवि

डॉ. तारिक जफर

स्टडी मटेरियल दिया नहीं और वसूल रहे फीस

सेडमैप के मैनेजर ((आईटी)) आरडी मांडवकर का कहना है कि विवि ने अनुबंध के तहत परीक्षा से पहले छात्रों को स्टडी मटेरियल ही उपलब्ध नहीं कराया था। विवि जो फीस की राशि बाकी होना बता रहा है, उसमें स्टडी मटेरियल की भी फीस जोड़ रहा है, जो कि नियमविरुद्ध है। फीस का यह विवाद पूर्व कुलपति प्रो. एसके सिंह के कार्यकाल से चल रहा है। मांडवकर के अनुसार सेडमैप को केवल 6 लाख रुपए का ही भुगतान करना बाकी है। इस संबंध में विवि प्रशासन से पहले भी बात हो चुकी है, लेकिन विवि इससे इंकार कर रहा है।

फीस जमा करने के बाद ही

देंगे मार्कशीट

विवि 2006 से 2011 तक के छात्रों की मार्कशीट जारी कर चुका है, लेकिन सत्र 2011-12 के छात्रों की मार्कशीट रोक दी है। बताया जा रहा है कि विवि ने पहले तो दोनों पाठ्यक्रमों के सभी 10 हजार छात्रों के रिजल्ट ही जारी नहीं किए थे। बाद में छात्रहित में परिणाम तो जारी कर दिए गए, लेकिन छात्रों को मार्कशीट नहीं दी।

कुलपति डॉ. तारिक जफर का कहना है कि जब तक सेडमैप, संस्थाएं या छात्र फीस जमा नहीं करते तब तक उन्हें मार्कशीट नहीं दी जाएगी। जो छात्र फीस जमा करने आएंगे, उनके सभी दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद ही उन्हें मार्कशीट सौंपी जाएगी। डीसीए कोर्स के लिए विवि ने परीक्षा, स्टडी मटेरियल व एग्जाम फॉर्म की कुल फीस 1430 रुपए तथा पीजीडीसीए के लिए 2600 रुपए तय की थी।



मप्र भोज मुक्त विवि ने कहा- सेडमैप पर 2 करोड़ रुपए से ज्यादा फीस बाकी, सेडमैप का जवाब- सिर्फ 6 लाख ही देना है