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पूर्व केंद्रीय मंत्री जटिया और भाई के घर सीबीआई छापा
नगर संवाददाता - भोपाल
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया ((सेल)) के उपक्रम बोकारो स्टील प्लांट में हाई प्रोफाइल फर्जी नौकरी घोटाले के मामले में सीबीआई की धनबाद टीम ने मंगलवार को भोपाल में पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया के 74 बंगला स्थित सरकारी आवास, शक्तिनगर स्थित जटिया के भाई हरिओम के घर और मिनाल रेसीडेंसी स्थित सेल के कस्टमर कांट्रेक्ट ऑफिस पर छापा मारा। सीबीआई ने जटिया के बेटे राजकुमार की सेल में नौकरी से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। सीबीआई ने मंगलवार को देश के दस शहरों में 36 स्थानों पर एक साथ छापा मारा। फर्जी नौकरी मामले में सीबीआई ने 23 लोगों को आरोपी बनाया है, जिसमें राजकुमार जटिया भी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक राजकुमार बोकारो स्टील प्लांट में पदस्थ थे। उनका ढाई साल पहले भोपाल तबादला हुआ है। शेष पेज - १५ पर
वह मिनाल रेसीडेंसी स्थित सेल के कस्टमर कांट्रेक्ट ऑफिस को संभालते हैं। मंगलवार की सुबह 74 बंगला स्थित सत्यनारायण जटिया के सरकारी बंगले में सीबीआई ने तलाशी के बाद शक्तिनगर में हरिओम जटिया के मकान और सेल के ऑफिस की तलाशी ली। तीनों ही स्थानों से सीबीआई ने दस्तावेज जब्त किए हैं। सीबीआई टीम ने बोकारो, रांची, पटना, आरा, गाजियाबाद, नई दिल्ली, भिलाई, भोपाल, भुवनेश्वर और मुंबई में रिटायर्ड अफसरों के घर और कार्यरत अफसरों के घर एवं ऑफिस पर एक साथ छापा मारा। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में हरिओम जटिया का नाम भी सामने आ रहा है। आरोपियों की संपत्ति का विवरण भी तैयार किया जा रहा है। सीबीआई टीम के इस छापे की जानकारी भोपाल यूनिट को भी नहीं थी।
यह है मामला :
सेल में 2008 में नियमों और योग्यता को ताक पर रखकर 13 लोगों की हाई प्रोफाइल नियुक्तियां की गई थी। इसके बाद उनको बोकारो स्टील प्लांट में पदस्थ किया गया। मामला सामने आने के बाद सीबीआई ने जनवरी 2014 में दो प्रकरण दर्ज किए हैं। जिसमें सेल के 23 अफसरों को आरोपी बनाया गया है। जिसमें सात अफसर रिटायर्ड हो चुके हैं, शेष अभी कार्यरत हैं। इस घोटाले में सेल के रिटायर्ड एमडी वीके श्रीवास्तव और एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर जीवेश मिश्रा मुख्य आरोपी हैं। सेल में यह नियुक्तियां जूनियर मैनेजर, डिप्टी मैनेजर और अटेंडेंट कॉर्डिनेटर के पद पर की गई थी। कंपनी में जटिया की नियुक्ति जूनियर मैनेजर के तौर पर हुई थी। बताया गया है कि कंपनी में हाई प्रोफाइल लोगों से जुड़़े व्यक्तियों को नौकरी दी गईं थी। इसमें झारखंड के पूर्व राज्यपाल और प्लांट के तत्कालीन एमडी वीके सिंह के बेटे की भी नियुक्ति शामिल है।