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मलैया ने कहा- चौबे कर्मठ अभियंता तो शेजवार ने पूछा- क्या बाकी अफसर काम नहीं करते

7 वर्ष पहले
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विशेष संवाददाता - भोपाल
कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को जल संसाधन विभाग में प्रमुख अभियंता एमजी चौबे को तीसरी बार सेवावृद्धि दिए जाने का मंत्रियों ने विरोध कर दिया। विभागीय मंत्री जयंत मलैया ने चौबे को सेवावृद्धि दिए जाने की वजह उनकी कर्मठता को बताया। इस पर वनमंत्री गौरीशंकर शेजवार ने एतराज जताते हुए कहा कि अकेले चौबे ही कर्मठ अफसर हैं तो क्या बाकी अधिकारी कर्मचारी काम नहीं करते। उन्होंने कहा कि ईएनसी जैसे पद पर किसी अफसर को बार-बार सेवावृद्धि दिए जाने से पदोन्नति से वंचित रहने वाले अन्य अफसरों का मनोबल गिरता है। वहीं चौबे को दी गई सेवावृद्धि के बारे में पत्रकारों के सवाल के जवाब में संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना था कि यह कैबिनेट का फैसला है।
दो दिन प्रभार वाले जिलों में न जाएं मंत्री : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अनौपचारिक चर्चा के दौरान मंत्रियों से कहा कि वे शुक्रवार और शनिवार को प्रभार वाले जिलों के दौरे नहीं करें। इससे जिलों के अधिकारियों को मैदानी निरीक्षण का समय नहीं मिल पा रहा है।



मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से सौ दिवसीय कार्ययोजना के तहत अब तक तीस दिन में किए गए कामों का ब्यौरा मांगा। इस पर मंत्रियों ने विभागों में हुए कामों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को हिदायत दी कि तय समय सीमा में सभी काम पूरे हो जाएं।

भोपाल में बनेगा सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान

अफसरों ने नहीं, मंत्रियों ने पेश किया विभाग का एजेंडा

सीएम ने मांगा

मंत्रियों से तीस दिन

का हिसाब

गौरीशंकर शेजवार

जयंत

मलैया

कैबिनेट ने भोपाल में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ((आईआईआईटी)) की स्थापना को मंजूरी दे दी। इसके लिए राज्य खनिज विकास निगम को औद्योगिक पार्टनर बनाया गया है, जो संस्थान में आने वाली कुल लागत 128 करोड़ रुपए में से 19.20 करोड़ रुपए ((15 फीसदी)) देगा। बाकी 50 प्रतिशत केंद्र और 35 प्रतिशत ((44.80 करोड़)) राशि राज्य सरकार देगी। संस्थान के लिए 50 एकड़ जमीन नाथू बरखेड़ा में चिन्हित की गई है। इसके अलावा बैठक में सभी विभागों से संबंधित सामान्य जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाने के लिए मप्र डाटा शेयरिंग एक्सेबिल्टी पॉलिसी को मंजूरी दे दी। बैठक में निजी पूंजी निवेशकों को ताप विद्युत परियोजनाओं के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध कराने के लिए नियम बनाने का मामला नहीं रखा जा सका।

कैबिनेट में खास बात यह रही कि पहली बार अफसरों के बजाए मंत्रियों ने स्वयं विभागों से संबंधित एजेंडा प्रस्तुत किए। इसकी शुरुआत सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य ने की। इसके बाद गृह मंत्री बाबूलाल गौर, जल संसाधन मंत्री जयंत मलैया, परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह और ऊर्जा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने एजेंडे रखे। सीएम ने सभी मंत्रियों के इस प्रयास की सराहना की।