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जो गाया न जा सके वो गीत नहीं...

7 वर्ष पहले
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राजेश गाबा भोपाल
‘पहले संगीत कान से ताल्लुक रखता था आजकल वो आंख से भी ताल्लुक रखता है। कोई भी गाना सुनने से ज्यादा देखा जा रहा है। लेकिन ऐसा नहीं की लोग अच्छा गाना सुनना नहीं चाहते। गाना चलता वही है जो गाया जा सके, लोगों के दिल में बस जाए। जो गाया नहीं जा सकता वो गाना नहीं।’ यह कहना है सुप्रसिद्ध म्यूजिक डायरेक्टर, म्यूजिक कंपोजर आनंद राज आनंद का। छोटा बच्चा जान के ना कोई, हद कर दी आपने, जिस देश में गंगा रहता है, जलेबी बाई, गणपत और इश्क समंदर जैसे सैकड़ो गीतों को आवाज देने, म्यूजिक डायरेक्टर करने वाले आनंद राज आनंद भोपाल एक निजी कार्यक्रम में आए। इस अवसर पर सिटी भास्कर ने की उनसे बातचीत...



...ये हमारी फिल्म में गाएगा

‘1982 में मुझे गजलों का शौक चढ़ा। तब मैंने एलबम बनाने के लिए सोचा। गीत, गजल मैं लिखने लगा था। एक दोस्त के साथ मुंबई पहुंचा। 15 दिन हुए थे मायानगरी में मेरे एक दोस्त ने टीनू आनंद से मिलवाया। मैंने उन्हें अपने कुछ गीत सुनाए। टीनू बोले 10 दिन का इंतजार करो शायद कुछ अच्छा हो जाए। मुझे नौवें दिन टीनू का फोन आया कि तुम्हें अमिताभ बच्चन के सामने प्रेजेंटेशन देना है। मैंने अमित जी के सामने गाया। कुछ देर वो शांत रहे, मैं घबरा गया, फिर वो बोले, ये हमारी फिल्म में गा रहे हैं। ’

अमिताभ बच्चन के लिए गाना गाकर फिल्म मेजर साब से शुरुआत करनेवाले आनंद राज आनंद एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने भोपाल आए, इस दौरान उन्होंने की सिटी भास्कर से बात...

गाने की मैलोडी खत्म न हो

आनंद राज आनंद ने कहा कि गाना वो जो सादगी से जुबान पर आ जाता है। हमने पुराने संगीतकारों से यह सीखा कि गाने का पैशन क्या होता है। कितनी साधना के बाद एक अच्छा गीत जन्म लेता है। मेरी हमेशा कोशिश रही है कि वैरायटी रहे गाने में, लेकिन उसकी मैलोडी खत्म न हो। जो गाया जा सके, गुनगुनाया जा सके, वहीं गीत बनाता हूं।

मधुर संगीत आत्मा को छू लेता है

लंबे समय तक कोई भी सिंगर और म्यूजिक डायरेक्टर नहीं चल पा रहा क्योंकि वो ग्लोबल म्यूजिक को इंडियन म्यूजिक में ला रहे हैं, जबकि मधुर संगीत आत्मा को छू लेता है।

आने वाली फिल्में

मैंने थोड़ा ब्रेक लिया था, फिल्में कम कर दी थीं। अभी सिंह साब द ग्रेट आई थी। आने वाली फिल्मों में वेलकम-2, कांटे, खोटे सिक्के, नो एंट्री, जिस लाहौर नहीं वेख्या, दिल-2 और लव स्टोरी खास हैं। चार साहबजादे पर एनिमेशन पंजाबी फिल्म हैरी बावेजा बना रहे हैं।

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