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डाउनलोड करेंभोपाल. महिलाओं की सुरक्षा के लिए गठित निर्भया पेट्रोलिंग विवादों में है। राज्य महिला आयोग की चेतावनी के बाद अब एमएलबी कॉलेज की छात्राएं और प्राचार्य भी इसके विरोध में आ गई हैं। उनका कहना है कि निर्भया टीम छात्राओं को डराती है और अनावश्यक रूप से परेशान करती है। हालांकि निर्भया पुलिस ने इन आरोपों को गलत बताया है।
एमएलबी कॉलेज की प्राचार्य मंजुला शर्मा का कहना है कि छात्राओं ने उनसे शिकायत की है कि निर्भया की टीम कॉलेज कैम्पस में आकर छात्राओं के चेहरे से दुपट्टा हटाने के साथ ही असभ्य भाषा में बात करती है। श्रीमती शर्मा ने इसकी शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से की है। इस संबंध में एसपी साउथ को पत्र भी लिखा है। इधर, निर्भया की प्रभारी का कहना है कि उन्होंने किसी को न डराया और न ही धमकाया है।
सिर्फ कॉलेज की एक छात्रा को समझाइश दी थी और उसका आई कार्ड जब्त कर प्राचार्य को सौंपा था। दरअसल एमएलबी कॉलेज की छात्राओं ने प्राचार्य से शिकायत की थी कि निर्भया पेट्रोलिंग टीम कॉलेज परिसर में आकर उनके साथ बदसलूकी करती है। उनके बोलने का अंदाज समझाने का नहीं, बल्कि डराने का होता है। उन्हें मुंह से दुपट्टा हटाने के लिए कहा जाता है, जो कि ठीक नहीं है।
छात्राओं को संभलकर रहने की सलाह दी थी : साहू
निर्भया पेट्रोलिंग टीम की प्रभारी नमिता साहू का कहना है कि सोमवार को एमएलबी कॉलेज की एक छात्रा को संदिग्ध अवस्था में बैठे देखा था। हमने उसका आई कार्ड जब्त कर प्राचार्य को सौंप दिया था। सुश्री साहू का कहना है कि इस दौरान छात्राओं को केवल यही सलाह दी थी कि वे जब भी किसी सुनसान स्थान से गुजरें, संभलकर रहें। साथ ही निर्भया पेट्रोलिंग का नंबर मोबाइल फोन में सेव करने का आग्रह किया था। यही बात वे सभी कॉलेज और स्कूलों में जाकर छात्राओं को बताती हैं।
निर्भया पेट्रोलिंग टीम को प्रशिक्षण की जरूरत
प्राचार्य शर्मा का कहना है कि निर्भया पेट्रोलिंग टीम का गठन जिस काम के लिए किया गया है, उसे वही काम करना चाहिए। वह कॉलेज परिसर में आकर छात्राओं को अपमानित नहीं कर सकती। उनका कहना है कि निर्भया की टीम को इस बात का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए कि वह छात्राओं और महिलाओं से सम्मानजनक ढंग से बात करें।
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