पैशन से बनाई पहचान
सिटी रिपोर्टर भोपाल
दिल में अगर चाह हो तो रास्ते अपने आप ही बन जाते हैं। शहर के कुछ ऐसे ही लोग जो अपने प्रोफेशन के साथ अपनी हॉबीज को भी पैशन के लेवल तक आगे बढ़ा रहे हैं। कोई फोटोग्राफी में, कोई मिनिएचर आर्ट में तो कोई संगीत में बिजी है। ऐसे ही लोगों से सिटी भास्कर आपको रूबरू करा रहा है जो पूरी तरह से अलग-अलग फील्ड्स में काम कर रहे हैं...
द्यद्बद्घद्ग द्बह्य श्चड्डह्यह्यद्बशठ्ठ
साइंटिस्ट की फोटोग्राफी
यूएस में चीफ फील्ड जियोफिजिसिस्ट कृष चटर्जी ((किशोर)) शौकिया फोटोग्राफर हैं। दुनिया के विभिन्न रंगों को वे अपने कैमरे में कैद करते हैं। शौक अब पैशन बन चुका है। वे अपने जॉब और ट्रेवलिंग के दौरान मलेशिया, थाइलैंड, साउथ अफ्रीका, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन, डेनमार्क, नार्वे, स्पेन, यूके, यूएसए, कनाडा, ब्राजील में विभिन्न लोकेशंस पर वहां के जीवन की फोटोग्राफी कर चुके हैं। हजारों फोटोग्राफ्स ले चुके कृष कल्चरल डायवर्सिटी को भी अपनी फोटोग्राफ्स में उतारते हैं। उनके फोटोग्राफ्स को नेट जियो चैनल भी यूज करता है।
वे उड़ीसा में फैलिन तूफान के बाद वहां के जनजीवन की फोटोग्राफी करने भी गए थे। उत्तराखंड में बाढ़ के बाद अब जनजीवन कैसा है, इसे भी वे अपने कैमरे में कैद करने जल्द वहां जाएंगे। इससे पहले कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी यूके में काम कर चुके कृष ने आईआईटी खडग़पुर से एमटेक किया है। भोपाल के सेंट मैरीज कॉन्वेंट स्कूल से पढ़े हैं कृष। वे अपने काम के साथ अपने शौक को भी बखूबी अंजाम दे रहे हैं। किशोर ने बताया कि उनकी पत्नी सुपर्णा प्रोफेशनल आर्टिस्ट हैं। वे उन्हें फोटोग्राफी के लिए हमेशा प्रोत्साहित करती हैं।
 नेट जियो की वेबसाइट पर क्रिश चटर्जी का यह फोटोग्राफ है। यह फोटो उन्होंने कन्हा में दिसंबर में 2013 में लिया था।
शास्त्रीय संगीत गाने वाले सिटी के सिविल इंजीनियर
पेशे से सिविल इंजीनियर संजीव सचदेवा बिजनेस के साथ अपने संगीत के शौक को भी आगे बढ़ा रहे हैं। एसएटीआई विदिशा से बीई की पढ़ाई के बाद वॉटर टैंक प्रोडक्शन, कंस्ट्रक्शन के बिजनेस में एक्टिव संजीव को बचपन से ही संगीत का शौक रहा। पापा ने संगीत में संजीव की रुचि को देखकर उसे प्रोत्साहित किया। क्लासिकल म्यूजिक में डिग्री लेने के बाद उन्होंने हारमोनियम फिर अकॉर्डियन बजाना शुरू किया। उनके अब तक चार म्यूजिक एलबम रिलीज हो चुके हैं। टी सीरीज से इंस्ट्रूमेंटल यूअर्स, पंचम फॉरएवर टाइम्स म्यूजिक, जाने कहां गए वो दिन और बांग्ला मैलोडी सारेगामापा से। संजीव कराओके म्यूजिक के लिए भी कोरियन कंपनी के साथ काम कर रहे हैं। सुरेश वाडेकर, रवींद्र जैन, अनूप जलोटा, जसविंदर सिंह और भूपेंद्र सिंह जैसे संगीतकारों के साथ लाइव परफार्मेंस दे चुके हैं।
 संजीव सचदेवा
ले. कर्नल जो बनाते
हैं मिनिएचर आर्ट
लेफ्टिनेंट कर्नल हेमेन्द्र बंसल को बचपन से ही बारीक अक्षर लिखने का शौक था। वे कापी में भी बारीक राइटिंग लिखते थे। कॉलेज के दिनों में एक टीवी पर वल्र्ड रिकार्ड होल्डर माइक्रो राइटर का इंटरव्यू देखा। तब से वे माइक्रो राइटिंग करने लगे। पहली बार चावल के दाने पर ए से जेड तक अल्फाबेट उकेरे। लोगों ने एप्रीशिएट किया और वे अपने शौक को आगे बढ़ाने लगे। इसके बाद चावल के दाने, मूंगफली के दाने, तिल के दाने पर ‘लिव इन पीस’ शांति का संदेश, नेशनल फ्लैग, बड्र्स के स्कैचेज बनाए। उनकी इस कला के लिए उनका नाम दो बार लिम्का बुक ऑफ रिकाड्र्स में दर्ज हुआ। मेरठ रतन अवार्ड, भावना कला केंद्र नेशनल अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही ले. कर्नल बंसल ने गिनीज बुक ऑफ रिकाड्र्स के लिए भी अटेम्ट किया है। इसमें उन्होंने एक रुपए के स्टैंप पर 12,530 अक्षर लिखे। इसमें उन्होंने पीस लिखा। गिनीज बुक में ऑफ रिकाड्र्स में दर्ज रिकाड्र्स 10,056 अक्षर का है। खास यह है कि यूके की वल्र्ड रिकाड्र्स यूनिवर्सिटी ने उन्हें डॉक्ट्रेट की उपाधि के लिए आमंत्रित किया है।
 ले. कर्नल हेमेन्द्र बंसल