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चुनाव पर्यवेक्षक के खिलाफ पुलिस दर्ज करे एफआईआर
नगर संवाददाता - भोपाल
सब इंस्पेक्टर अमृता सोलंकी के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले चुनाव पर्यवेक्षक के खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज करें। भारत निर्वाचन आयोग को भी पर्यवेक्षक के खिलाफ उचित कार्रवाई करना चाहिए। यह सिफारिश राज्य महिला आयोग ने डीजीपी और भारत निर्वाचन आयोग से की है।
महिला आयोग में आयोजित संयुक्त बैंच में गुरुवार को अध्यक्ष उपमा राय और सदस्य कविता पाटीदार ने सुनवाई की। राजगढ़ की तत्कालीन थाना प्रभारी अमृता सोलंकी के मामले की सुनवाई में राजगढ़ के एसपी प्रशांत सक्सेना और जिला अभियोजन अधिकारी एनके श्रीवास्तव उपस्थित हुए। आयोग ने पूछा, पुलिस एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कर रही है। एसपी ने बताया कि जांच रिपोर्ट, भारत निर्वाचन आयोग को भेज दी गई है। कार्रवाई निर्वाचन आयोग को करना है। इस दौरान एसपी, आयोग के कई सवालों के जवाब नहीं दे पाए। आयोग का कहना था कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे यह विवाद पर्यवेक्षक गयाप्रसाद के खिलाफ न होकर पुलिस वर्सेस अमृता सोलंकी के बीच का है। आयोग ने डीजीपी नंदन दुबे को एफआईआर कराने और पर्यवेक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की है। संयुक्त बैंच में 4 मामलों की सुनवाई भी की गई।
राज्य महिला आयोग में गुरुवार को सब इंस्पेक्टर अमृता सोलंकी से दुव्र्यवहार के मामले की सुनवाई करतीं आयोग अध्यक्ष उपमा राय।
यह है मामला
22 नवंबर, 2013 को विधानसभा चुनाव के दौरान ब्यावरा के पगारी बगला चैकिंग प्वाइंट पर मलावर ((जिला राजगढ़)) की तत्कालीन थाना प्रभारी अमृता के साथ पर्यवेक्षक गया प्रसाद ने अभद्र व्यवहार किया था। इसके बाद अमृता ने 23 नवंबर को नौकरी से इस्तीफा दे दिया था।
राज्य महिला आयोग ने डीजीपी को भेजी सिफारिश