शहर के विकास के लिए बनेगी नई गाइडलाइन
भोपाल - भोपाल समेत देश के अन्य शहरों में भविष्य में विकास की नई चुनौतियों का सामना करने के लिए केंद्र सरकार 18 साल पहले बनाई गई अर्बन डेवलपमेंट प्लान फार्मूलेशन एंड इंप्लिमेंटेशन ((यूडीपीपीएफआई)) गाइडलाइन को बदलने जा रही है। सरकार इस गाइडलाइन में बदलाव कर मार्च 2014 तक नई गाइडलाइन लाएगी। इससे शहरों के विकास की सुनियोजित और आधुनिक प्लानिंग हो सकेगी। अब नई गाइडलाइन के आधार पर शहरों के मास्टर प्लान तैयार किए जाएंगे। इसके लिए गुरुवार को स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्ट ((एसपीए))ने एक नेशनल वर्कशॉप का आयोजन किया। इसमें शहरी नियोजन से जुड़े विशेषज्ञों ने गाइडलाइन में बदलाव की जरूरतों को समझा। दिल्ली स्थित टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ऑर्गेनाइजेशन के आर श्रीनिवासन ने गाइडलाइन में आपदा प्रबंधन, सर्विस लेवल बेंचमार्क, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और ग्रीन स्पेस के लिए नए मानक बनाने पर जोर दिया।
केंद्र सरकार के पूर्व चीफ प्लानर डीएस मेश्राम ने मास्टर प्लान को सीडीपी और पंचवर्षीय योजना से जोडऩे की बात कही। उन्होंने कहा कि जिले स्तर पर विकास योजना के लिए भी गाइडलाइन में प्रावधान करने के लिए कहा। वर्कशॉप में एसपीए के दिल्ली और विजयवाड़ा के विशेषज्ञों ने भी शिरकत की।