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अरबिंदो मेडिकल कॉलेज इंदौर के सीएमडी विनोद भंडारी गिरफ्तार
नगर संवाददाता - भोपाल
अरबिंदो मेडिकल कॉलेज के सीएमडी विनोद भंडारी को स्पेशल टास्क फोर्स ((एसटीएफ)) ने गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। भंडारी पर पीएमटी-2012 में छह अभ्यर्थियों को प्रदीप रघुवंशी और नितिन महिंद्रा के जरिए गलत तरीके से पास कराने का आरोप है। प्रीपीजी-2012 में हुई गड़बड़ी के मामले में हाईकोर्ट से मंजूर हुई अग्रिम जमानत याचिका पर वह जमानत मुचलका भरने के लिए एसटीएफ कार्यालय आए थे।
भंडारी गुरुवार दोपहर करीब दो बजे पत्नी, बेटा, बेटी और कुछ पारिवारिक मित्रों के साथ एसटीएफ कार्यालय पहुंचे थे। गुरुवार को उनकी अग्रिम जमानत का आखिरी दिन था। हाईकोर्ट की मंजूरी के दस्तावेज दिखाते हुए भंडारी ने एसटीएफ से इसे भरवाने की बात कही। अदालत के आदेश के बाद एसटीएफ ने इस मामले में
उनकी जमानत मंजूर करते हुए रिहा भी कर दिया। एसटीएफ सूत्रों के
मुताबिक इसके बाद उनसे पीएमटी-2012 के प्रकरण में एडीजी ने पूछताछ शुरू की गई। शेष - पेज 9 पर
पूछताछ के दौरान एसटीएफ ने प्रदीप रघुवंशी का मेमोरेंडम ((बयान)) दिखाते हुए सवाल करने शुरु किए। रघुवंशी ने बयान में कहा था कि भंडारी ने उसे छह अभ्यर्थियों को पास करवाने के लिए नितिन महिंद्रा को करीब 50 लाख रुपए दिए थे। यह रकम रघुवंशी से पहले ही जब्त की जा चुकी है। एसटीएफ के इन सवालों पर भंडारी ने चुप्पी साध ली। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसे सामने आई थी संलिप्तता
इंदौर क्राइम ब्रांच ने पीएमटी-2013 के प्रकरण में अपराध क्रमांक 539 इंदौर के राजेंद्र नगर थाने में दर्ज किया था। इसमें आरोपी नितिन महिंद्रा से एक लैपटॉप जब्त किया गया था। आरोपी पक्ष ने इसका डाटा पहले ही डिलीट कर दिया था। एसटीएफ ने गुजरात स्थित सीएफएसएल से इसका डाटा रीट्रिव करवाया था। इस डाटा और प्रदीप रघुवंशी के बयान में विनोद भंडारी की भूमिका सामने आई थी।
दिन भर किया इंतजार, कोर्ट से मंगवाई डायरी
भंडारी गुरुवार दोपहर करीब दो बजे एसटीएफ कार्यालय पहुंच गए थे। उन्होंने अपनी जमानत लेने की बात की तो जवाब मिला कि प्रीपीजी प्रकरण की केस डायरी भोपाल जिला अदालत भेजी गई है। वहां लगी अग्रिम जमानत याचिकाओं के मद्देनजर डायरी भेजी गई थी। शाम करीब छह बजे केस डायरी अदालत से मंगवाई गई। इसके बाद उनकी जमानत की प्रक्रिया पूरी की गई।
इमिग्रेशन अलर्ट की भी थी तैयारी
एसटीएफ ने लंबे समय तक मॉरिशस में रहे भंडारी पर इमिग्रेशन अलर्ट की भी तैयारी कर ली थी। मॉरिशस में रहने के दौरान उन्होंने अपनी तबीयत खराब रहने का हवाला एसटीएफ को दिया था। एसटीएफ ने राजस्व विभाग, रजिस्ट्रार और नगर निगम से भी उनकी संपत्ति का ब्यौरा निकलवाना शुरू कर दिया था।
गिरफ्तारी की बात सुन रो पड़े भंडारी
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक एडीजी ने जैसे ही भंडारी से कहा कि आपको पीएमटी-2012 के मामले में गिरफ्तार किया जाता है तो वे रो पड़े। इसका पता जब एसटीएफ कार्यालय में मौजूद उनके परिवार और दोस्तों को चला तो उनकी आंखें भी भर आईं।