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नहीं बढ़ेंगी जमीन की कीमतगाइडलाइन-!-आईजी पंजीयन ने दिए दिशा-निर्देश, रियल एस्टेट सेक्टर की स्थिति अच्छी नहीं

8 वर्ष पहले
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ग्वालियर. प्रॉपर्टी का कारोबार मंदी के दौर से गुजर रहा है, इसलिए इस बार शहर में जमीन की कीमतों में पहले की तरह बेतहाशा बढ़ोतरी नहीं होगी। बहुत जरूरी होने पर बीस फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। अगले साल की गाइडलाइन पर लोकसभा चुनाव के कारण कोई समस्या न आए, इसलिए गाइडलाइन बनाने का काम इस बार फरवरी तक पूरा हो जाएगा।

नई गाइडलाइन ((वर्ष 2014-15)) को लेकर महानिरीक्षक पंजीयन ने एक जनवरी को निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि रियल इस्टेट सेक्टर की स्थिति अच्छी नहीं है। इसका असर दस्तावेज पंजीयन, विभाग की आय पर पड़ रहा है। इस बार जमीन की कीमतें इस प्रकार रखी जाएं कि वे बाजार के बराबर हों। यदि कहीं पर जमीन की कीमतें गाइडलाइन में ज्यादा हैं तो उन्हें कम भी किया जा सकता है। महानिरीक्षक पंजीयन ने बीस फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी या फिर वर्तमान कीमतों में कमी के मामलों में कारण भी बताने को कहा है।

एडवांस में भेजे सब क्लाज ((उपबंध))
हर बार जिला मूल्यांकन समिति के निर्णय के बाद ही गाइडलाइन पर विस्तार से चर्चा के लिए सब क्लाज ((उपबंध)) तैयार होते हैं। इस बार यह व्यवस्था बदल गई है। मुख्यालय ने सभी जिलों को एक समान उपबंध बनाकर एडवांस में भेज दिए हैं। साथ ही कहा है कि नई गाइडलाइन इसी आधार पर तैयार की जाए ताकि बाद में ज्यादा परिवर्तन की गुजांइश न रहे।

तीन महीने में 201 करोड़ का टारगेट पाना मुश्किल
इस वर्ष पंजीयन विभाग की आय में काफी कमी आई है। गत वर्ष दिसंबर महीने तक 177 करोड़ रुपए की आय हो चुकी थी, पर इस बार 148 करोड़ ही वसूल हो सके हैं। इस वर्ष के लक्ष्य को लेकर यदि बात करें तो 349 करोड़ रुपए का टारगेट है। अगले तीन महीने में 201 करोड़ रुपए की आय हासिल करना मुश्किल है।

पंजीयन पर रोक के कारण कम हुई आय: पिछले साल दिसंबर तक 28 हजार 890 दस्तावेज पंजीकृत हुए थे जो इस बार घटकर 25 हजार 650 ही रह गए हैं। ऐसा अवैध कॉलोनियों में दस्तावेज पंजीयन पर रोक, प्रॉपर्टी क्षेत्र में मंदी व कुछ मामलों में हाईकोर्ट की रोक के कारण हुआ है। अवैध कॉलोनियों में दस्तावेज पंजीयन पर लगी रोक तो सुप्रीम कोर्ट ने हटा दी है पर कलेक्टर ने नामांतरण पर रोक लगा रखी है। इसी कारण यहां के दस्तावेज के पंजीयन बहुत कम हो रहे हैं।

31 तक केंद्रीय समिति को भेजे जाएंगे प्रस्ताव

: तीनों एसडीएम(ग्वालियर, डबरा, भितरवार) की अध्यक्षता वाली उप मूल्यांकन समिति 15 जनवरी तक गाइडलाइन का खाका तैयार करेगी।
: उप मूल्यांकन समिति से आए प्रस्तावों पर जिला मूल्यांकन समिति (कलेक्टर की अध्यक्षता वाली) जनता की आपत्तियां लेने का काम 20 जनवरी तक करेगी।
: आपत्ति, सुझाव पर निर्णय लेकर जिले के प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन समिति (महानिरीक्षक पंजीयन) को 31 जनवरी तक भेजे जाएंगे।