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कम्प्यूटर चलाने का सपना साकार

8 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर ग्वालियर
‘हम लोगों ने कम्प्यूटर सेंटर पर कम्प्यूटर सीखने की कोशिश की, लेकिन वहां ट्रेनर्स का सपोर्ट नहीं मिला। दैनिक भास्कर ऑफिस में ट्रेनिंग के दौरान ट्रेनर्स का पूरा सपोर्ट मिला। बल्कि ऐसा लगा कि घर के लोग ही हमें ट्रेनिंग दे रहे हैं। अपने यह अनुभव साझा किए हाउस वाइफ और सीनियर सिटीजन ने।
बुधवार को दैनिक भास्कर फाउंडेशन द्वारा आयोजित सीनियर सिटीजन और हाउस वाइफ की नि:शुल्क कम्प्यूटर ट्रेनिंग के पहले बैच का समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में स्थानीय संपादक सुनील शुक्ला और यूनिट हेड आशीष यादव ने प्रशिक्षाणार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस मौके पर सीनियर सिटीजन ने कहा कि इससे पहले उन्होंने कम्यूटर सेंटर पर सीखने का प्रयास किया, लेकिन वहां लोग ऐसे बिहेव करते थे, जैसे हमें इसकी जरूरत नहीं है। प्रशिक्षण की इस कड़ी में दैनिक भास्कर की ओर से फ्री कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्रोग्राम का 15 दिवसीय दूसरा बैच गुरुवार से शुरू होगा। यह भी सीनियर सिटीजन और हाउस वाइफ के लिए है।
यह सिखाया गया
1. गूगल सर्च इंजन, फेसबुक, जीमेल और फाइल अटैचमेंट्स।
2. एमएस ऑफिस में पावर पॉइंट, वर्ड और एक्सल।
3. कम्प्यूटर फंडामेंटल।
4. डाटा सेविंग, डाटा भेजना और रिसीविंग।



अब करूंगी ऑन लाइन शॉपिंग

मैंने यहां कम्प्यूटर चलाने के साथ ही इंटरनेट चलाना भी सीखा। पहले मैं ऑन लाइन शॉपिंग नहीं कर पाती थी, लेकिन अब घर बैठे ही अपनी पसंदीदा चीजें ऑन लाइन परचेज करूंगी। इसके लिए क्या सेफ्टी जरूरी है यह भी ट्रेनिंग प्रोग्राम में सीखने को मिली।

- नीता गर्ग, हाउस वाइफ

आधुनिक दौड़ में शामिल

मुझे लगता है कि मैं आधुनिक दौर की दौड़ में शामिल हो गया हूं। पहले मुझे कम्प्यूटर से डर लगता था, लेकिन आज मैं अपनी फैमिली मेंबर्स के साथ बैठकर इंटरनेट चलाता हंू। साथ ही चैटिंग भी करता हंू। यह सब 15 दिन की इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में सीखा। 

- बीएन आहूजा, रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी

चैटिंग करना भी सीखा

नौकरी के समय मुझे कम्प्यूटर का ज्ञान नहीं था। घर में लैपटॉप होने के बाद भी मुझे उसे चलाना नहीं आता था। ट्रेनिंग के जरिए मैं लैपटॉप अच्छे तरह से चलाना सीखा। बल्कि अब में अपने रिलवेटिव और फें्रड्स के साथ फेसबुक पर बातें भी करती हंू। यहां मैंने सर्च इंजन, फोटो अपलोड और चेटिंग करना भी सीख लिया। 

- शिल्पा लघाटे, हाउस वाइफ



पूरे विश्वास से चला सकता हंू

पहले मुझे मोबाइल चलाने में भी डर लगता था। मुझे लगता था कि कोई गलत बटन दब गया तो मोबाइल खराब हो जाएगा। ऐसे में कम्प्यूटर सीखना मेरे लिए हौवा था। लेकिन अब पूरे विश्वास के साथ सिस्टम चला सकता हंू। यह सब दैनिक भास्कर के इस कैंपेन की वजह से मुमकिन हुआ है। 

- अशोक मजूमदार, सीनियर सिटीजन

ष्शद्वश्चह्वह्लद्गह्म् ह्लह्म्ड्डद्बठ्ठद्बठ्ठद्द

 दैनिक भास्कर के नि:शुल्क कम्प्यूटर ट्रेनिंग प्रोग्राम के समापन अवसर पर उपस्थित हाउस वाइफ। फोटो: भास्कर