- Hindi News
- धर्म वह है जो समाज को एक करे: ज्ञान शब्दानंद
धर्म वह है जो समाज को एक करे: ज्ञान शब्दानंद
ग्वालियर - ‘गफलत में सोने वालो जरा होश में आओ, लेकर के आत्मज्ञान तुम संसार बचाओ, प्यारे देश बचाओ’ गीत गाकर बद्रीनाथ से आए महात्मा ज्ञान शब्दानंद ने पिंटो पार्क में आयोजित सत्संग व श्रीराम कथा की शुरुआत की तो पंडाल में बैठे भगवद्भक्त भावविभोर हो झूम उठे।
हरिद्वार आदि तीर्थों से भ्रमण करते हुए आए महात्माजी ने मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय सत्संग समारोह के आखिरी दिन गुरुवार को कहा कि सभी मनुष्यों का धर्म एक है और वह है मानव धर्म। उन्होंने कहा धर्म वह है जो समाज को एकता सूत्र में बांधे। इस अवसर पर महात्मा कल्पनाबाई, महात्मा अंबालिकाबाई ने भी सत्संग सुनाया। गोपाल भाई ने भजन गाए।