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- ‘लोन के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे युवाओं की गाडिय़ों से सड़कों पर हुए गड्ढे’
‘लोन के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे युवाओं की गाडिय़ों से सड़कों पर हुए गड्ढे’
ग्वालियर - होम और कार लोन बांटने के लिए बैंक बड़े-बड़े होर्डिंग लगाते हैं, लेकिन एजुकेशन और स्वरोजगार के लिए लोन देने के होर्डिंग नहीं दिखते। अगर हम युवाओं को शिक्षा और रोजगार के लिए लोन नहीं देंगे तो वे दूसरे ((गलत)) रास्ते पर भी जा सकते हैं। इसके लिए हम ही जिम्मेदार होंगे। यह बात कलेक्टर पी. नरहरि ने कही। वे गुरुवार को होटल सेंट्रल पार्क में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, भोपाल के रूरल प्लानिंग क्रेडिट डवलपमेंट विभाग द्वारा माइक्रो-स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज ((एमएसएमई)) पर आयोजित टाउन हॉल मीटिंग में बोल रहे थे।
आरबीआई भोपाल से आईं डीजीएम ((रूरल प्लानिंग क्रेडिट डवलपमेंट)) रानी धुर्वे ने कहा कि छोटे उद्यमियों से ही बड़े उद्योगपति तैयार होते हैं। इसलिए आरबीआई का फोकस एमएसएमई सेक्टर पर है। इस अवसर पर एसबीआई के जीएम आरसी पांड्या, आरबीआई मुंबई के मुख्य महाप्रबंधक सीडी श्रीनिवासन, एमएसएमई के डायरेक्टर डीएस मंडलोई, चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विष्णु गर्ग, सेंट्रल बैंक के रीजनल मैनेजर केपी सिन्हा, आईआईडीसी के एमडी केके तिवारी आदि मौजूद थे।
ञ्चकलेक्टर ने बैंकों से कहा- शिक्षा और रोजगार नहीं देंगे तो युवा जा सकते हैं गलत रास्ते पर।