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कोर्ट से ही है आदमी की आखिरी उम्मीद: चीफ जस्टिस

8 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता - ग्वालियर
आम आदमी को हमसे ही आखिरी उम्मीद है। इसलिए हमारा उद्देश्य न्याय व्यवस्था पर लोगों के भरोसे को बनाए रखना होना चाहिए। न्याय व्यवस्था पर ही डेमोक्रेसी टिकी है। ये विचार मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एएम खानविलकर ने गुरुवार को बार एसोसिएशन की ओर से मीडिएशन हॉल में आयोजित सम्मान समारोह में व्यक्त किए।
चीफ जस्टिस ने कहा- मैं आप लोगों से पहली बार मिला हूं, लेकिन ऐसा लग रहा है कि आप सबको पहले से जानता हूं। बेशक आप मुझे मेहमान के तौर पर मान रहे हैं, लेकिन मैं आप में से ही हूं। बस फर्क इतना है कि मैं बार के इस ओर ((बेंच)) हूं। ग्वालियर खंडपीठ के प्रशासनिक न्यायमूर्ति एसके गंगेले ने कहा कि चीफ जस्टिस की सटीक सोच का ही परिणाम है कि कोर्ट में पुराने से पुराने प्रकरण आज रोस्टिंग में आने लगे हैं। कार्यक्रम में जस्टिस जीडी सक्सेना, जस्टिस शील नागू, जस्टिस सुजय पॉल, जस्टिस बीडी राठी, जस्टिस एमके मुदगल, जस्टिस डीके पालीवाल, रजिस्ट्रार जनरल वेदप्रकाश, पीपीएस वीबी सिंह, प्रिंसीपल रजिस्ट्रार जेपी गुप्ता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगदीश बाहेती, अतिरिक्त महाधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी आदि उपस्थित थे।




हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने किया सम्मान।